Patna EOU Action:EOU अफसर बन अधीक्षण अभियंता से रंगदारी मांगने वाला ठेकेदार ड्राईवर संग गिरफ्तार,भेजा गया जेल
छपरा के अधीक्षण अभियंता को EOU अधिकारी बनकर धमकी देने और रंगदारी मांगने के मामले में वास्तविक EOU ने पटना के ठेकेदार अमित कुमार और उसके चालक को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पास से आपत्तिजनक चैट और लोगो बरामद हुए हैं।
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के नाम पर ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा निवासी ठेकेदार अमित कुमार और उसके वाहन चालक मंजीत कुमार को असली ईओयू की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को आर्थिक अपराध इकाई का बड़ा अफसर बताकर अधिकारी को बर्बाद करने और जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
छपरा के अधीक्षण अभियंता की शिकायत पर EOU का एक्शन
मामला लघु सिंचाई अंचल छपरा में पदस्थापित अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) राजेंद्र कुमार से जुड़ा हुआ है। अधीक्षण अभियंता के मोबाइल पर लगातार अज्ञात नंबरों से फोन और व्हाट्सएप मैसेज कर पैसों की मांग की जा रही थी। बात न मानने और रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही थी। पीड़िता की शिकायत मिलने के तुरंत बाद ईओयू ने मामला दर्ज कर मामले की तकनीकी जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्य और व्हाट्सएप चैट से खुला फर्जीवाड़े का राज
तकनीकी अनुसंधान के आधार पर EOU की टीम ने छापेमारी कर महावीर कंस्ट्रक्शन के संवेदक (ठेकेदार) अमित कुमार और उसके चालक मंजीत कुमार को धर दबोचा। पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन से अधीक्षण अभियंता को भेजे गए धमकी भरे मैसेज और चैट रिकवर हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर विशेष निगरानी इकाई का आधिकारिक लोगो भी लगा रखा था ताकि अधिकारी पर डर बनाया जा सके।
रंगदारी की बात कबूली, दोनों आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने EOU अधिकारी बनकर अधीक्षण अभियंता से मोटी रकम ऐंठने और न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। फर्जी अधिकारी बनकर भयादोहन करने के इस सनसनीखेज मामले में आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।