EOU की बड़ी कार्रवाई! स्कॉर्पियो की नीलामी में गड़बड़ी के आरोप में तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक गिरफ्तार

तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक सुनील कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वह घटना के समय गोपालगंज जिले में पदस्थापित थे और वर्तमान में गया जी में तैनात थे।

Bihar EOU Arrests Former Motor Vehicle Inspector
Bihar EOU Arrests Former Motor Vehicle Inspector- फोटो : news4nation

Bihar News : बिहार में शराब के साथ जब्त स्कॉर्पियो की नीलामी में कथित गड़बड़ी के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक सुनील कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वह घटना के समय गोपालगंज जिले में पदस्थापित थे और वर्तमान में गया जी में तैनात थे। आर्थिक अपराध इकाई ने 13 अक्टूबर 2026 को उन्हें गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।


यह मामला गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र में शराब के साथ जब्त की गई एक स्कॉर्पियो की पहचान, अधिग्रहण और नीलामी में कथित अनियमितता से जुड़ा है। आर्थिक अपराध इकाई ने पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में दर्ज मामले की जांच के दौरान यह कार्रवाई की है।


340 लीटर शराब के साथ पकड़ी गई थी स्कॉर्पियो

जांच के अनुसार, 19 जून 2020 को गोपालगंज के सिधवलिया थाना क्षेत्र में स्कॉर्पियो वाहन संख्या BR06PD9070 को करीब 340 लीटर शराब के साथ पकड़ा गया था। इस संबंध में सिधवलिया थाना कांड संख्या 125/2020 दर्ज किया गया था। हालांकि, जांच में सामने आया कि वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उसका वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर JH01CJ-7840 होना चाहिए था। इसके बावजूद वाहन पर लगी बदली हुई नंबर प्लेट BR06PD9070 के आधार पर ही उसकी पहचान की गई और बाद में उसे अधिग्रहित कर नीलाम कर दिया गया।

असली मालिक को पक्ष रखने का नहीं मिला मौका

मामले में याचिकाकर्ता राधेश्याम सिंह का दावा है कि स्कॉर्पियो के वास्तविक मालिक वही हैं। उन्होंने वाहन चोरी होने के संबंध में 27 दिसंबर 2019 को रोहतास जिले के दिनारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि जब्त वाहन की नीलामी की प्रक्रिया में उसके वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर की पहचान नहीं की गई। इस कारण वाहन के असली मालिक को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला। इसी मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक, नीलामी समिति के सदस्यों, बोलीदाता रियाजुल आलम और अन्य के विरुद्ध आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 42/2025 दर्ज किया था।


बिना भौतिक सत्यापन के कार्रवाई

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, सुनील कुमार सिंह उस समय गोपालगंज में मोटरयान निरीक्षक के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने वाहन की नीलामी से पहले उसका भौतिक सत्यापन किए बिना मूल्यांकन प्रतिवेदन सौंप दिया था। प्रतिवेदन में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर BR06PD9070 और न्यूनतम निर्धारित मूल्य दर्ज किया गया, लेकिन इंजन और चेसिस नंबर का उल्लेख नहीं किया गया। जांच एजेंसी का मानना है कि इस महत्वपूर्ण जानकारी की अनदेखी से वाहन की वास्तविक पहचान सामने नहीं आ सकी और गलत रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।


पहले भी तीन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी

इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। सिधवलिया थाना कांड के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक राजेंद्र राम को 8 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, गोपालगंज जिला परिवहन कार्यालय के तत्कालीन लिपिक कन्हैया लाल और डाटा एंट्री ऑपरेटर हैदर अली अंसारी को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आर्थिक अपराध इकाई अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, कथित अनियमितता में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अनिल की रिपोर्ट