पटना में बनेगा हाईटेक IPS मेस, अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस को मिलेगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं, इतने करोड़ में होगा निर्माण!
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में 37.39 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक IPS मेस के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। पुलिस बल को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का यह बड़ा कदम है।
Patna - बिहार की एनडीए सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अब पुलिस महकमे के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रही है। इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के लिए एक बेहद आधुनिक और भव्य मेस भवन के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 37.39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आवासीय और कार्य-सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
पांच मंजिला भव्य इमारत: सुविधाओं से लैस होगा नया भवन
पटना में बनने वाला यह नया आईपीएस मेस तकनीकी रूप से अत्याधुनिक और संरचनात्मक रूप से बेहद मजबूत होगा। सम्राट चौधरी ने बताया कि यह भवन 'B+G+4 Structure' यानी बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिला होगा। इस निर्माण कार्य में न केवल इमारत का ढांचा तैयार किया जाएगा, बल्कि इसमें हाई-क्वालिटी फर्नीचर और सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का समावेश भी किया गया है। अधिकारियों के लिए इसे एक कार्य-सह-निवास केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने का संकल्प
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल को बेहतर सुविधाएं देने का सीधा संबंध राज्य की सुरक्षा और शांति से है। सम्राट चौधरी के अनुसार, जब पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा, तो वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और अधिक कुशलता से कर पाएंगे। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है कि आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से पुलिस के मनोबल को बढ़ाया जाए, ताकि बिहार में अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को और भी प्रभावी बनाया जा सके।
पूरे बिहार में बिछ रहा है पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर का जाल
यह परियोजना केवल पटना तक सीमित नहीं है। सम्राट चौधरी ने हालिया स्वीकृतियों का हवाला देते हुए बताया कि सरकार पूरे बिहार में पुलिस व्यवस्था को अपग्रेड कर रही है। इसमें पूर्वी चम्पारण में पुलिस अधीक्षक का नया कार्यालय भवन, रोहतास के डिहरी पुलिस केंद्र में रक्षित कार्यालय एवं आधुनिक शस्त्रागार भवन, और लखीसराय पुलिस केंद्र में महिला पुलिस कर्मियों के लिए 200 बेड क्षमता वाले हाईटेक बैरक का निर्माण शामिल है। ये कदम पुलिस सुधारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
नीतीश सरकार का विजन: स्मार्ट पुलिसिंग की ओर कदम
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पुलिस महकमे को 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप तैयार कर रही है। पुराने और जर्जर भवनों की जगह अब सुरक्षित और सुविधायुक्त आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। 37 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाला पटना का यह आईपीएस मेस इसी 'स्मार्ट पुलिसिंग' विजन का एक हिस्सा है, जहां तकनीक और बुनियादी ढांचे का तालमेल देखने को मिलेगा।
प्रशासनिक दक्षता और कार्यक्षमता में होगा सुधार
अंतिम पैराग्राफ में उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस नए भवन के निर्माण से प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव आएगा। बेहतर आवास और ऑफिस की सुविधा मिलने से पुलिस अधिकारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि अत्याधुनिक मेस और कार्यालयों के निर्माण से पुलिस बल के भीतर एक प्रोफेशनल संस्कृति विकसित होगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर आम जनता की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर पड़ेगा।