Bihar News : छुट्टियों में रजिस्ट्री कर बिहार सरकार ने कमाये 21 करोड़ रूपये, मार्च में भी हर रविवार खुलेंगे कार्यालय

Bihar News : रविवार को जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री कर बिहार सरकार ने 21 करोड़ रूपये की कमायी की है. मार्च में भी यह सिलसिला जारी रहेगा......पढ़िए आगे

Bihar News : छुट्टियों में रजिस्ट्री कर बिहार सरकार ने कमाये
छुट्टियों में कमाई - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार के जमीन और फ्लैट खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने मार्च महीने के भी सभी रविवार को राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों (रजिस्ट्री ऑफिस) को खुला रखने का निर्णय लिया है। आम दिनों की तरह ही इन छुट्टियों के दिनों में भी निबंधन का कार्य सामान्य रूप से संचालित होगा। यह फैसला वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए उमड़ने वाली भीड़ और आम नागरिकों की सुविधा के लिए लिया गया है। 

विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, छुट्टियों के दिन कार्यालय खोलने का प्रयोग राजस्व के लिहाज से 'गेम चेंजर' साबित हुआ है। जनवरी 2026 में चार रविवार को कार्यालय खुले रहने से कुल 3,324 दस्तावेजों की रजिस्ट्री हुई, जिससे सरकार के खजाने में 21 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व आया। आंकड़ों में लगातार वृद्धि देखी गई, जहाँ पहले रविवार को मात्र 85 लाख का राजस्व मिला था, वहीं चौथे रविवार तक यह आंकड़ा बढ़कर 11 करोड़ 55 लाख रुपये तक पहुँच गया। फरवरी माह में भी यह सिलसिला जारी रहा। 

फरवरी के मात्र दो रविवारों में ही विभाग ने लगभग 3,000 दस्तावेजों का निबंधन किया, जिससे 20 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई। यह दिखाता है कि कामकाजी वर्ग, जो सप्ताह के दिनों में व्यस्त रहता है, अब रविवार की सुविधा का जमकर लाभ उठा रहा है। जनवरी 2026 के पहले रविवार को 85 लाख रूपये, दुसरे रविवार को 3 करोड़ रुपये, तीसरे रविवार को 6 करोड़ रुपये, चौथे रविवार को 11.55 करोड़ की कमाई हुई। 

 विभागीय अधिकारियों का मानना है कि मार्च का महीना वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना होता है, जिसमें जमीन और संपत्तियों की रजिस्ट्री की संख्या में भारी उछाल आता है। रविवार को कार्यालय खुले रहने से न केवल दफ्तरों में भीड़ कम होगी, बल्कि लोगों को बिचौलियों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। विभाग ने सभी जिला अवर निबंधकों को निर्देश दिया है कि रविवार को पर्याप्त कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि निबंधन कराने आए लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।