Bihar School News : स्कूल बसों के लिए बिहार सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, नियम तोड़े तो खैर नहीं, जनवरी में चलेगा विशेष जांच अभियान
Bihar School News : स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार ने सख्त निर्देश जारी है. जिसके तहत अब स्कूली बसों की जांच की जाएगी.......पढ़िए आगे
PATNA : बिहार सरकार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने राज्य में स्कूली बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए स्कूलों द्वारा संचालित वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों के खिलाफ प्रशासन कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगा।
सुरक्षा मानकों को धरातल पर उतारने के लिए परिवहन विभाग जनवरी माह में पूरे राज्य में एक व्यापक अभियान चलाने जा रहा है। इसके तहत सभी जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल वाहनों की सघन जांच करें। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब प्रत्येक स्कूल वाहन में वीएलटीडी (VLTD), पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, जिनकी कम से कम 60 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।
वाहनों की गति पर नियंत्रण पाने के लिए सभी स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे उनकी अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा तय रहेगी। चालकों के व्यवहार और सुरक्षा रिकॉर्ड को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं। अब तेज गति, खतरनाक ड्राइविंग या नशे की हालत में एक बार भी दंडित होने वाले चालक स्कूल वाहन नहीं चला सकेंगे। इसके अलावा, लाल बत्ती के उल्लंघन या लेन अनुशासन भंग करने पर एक वर्ष में दो बार से अधिक दंडित होने वाले चालकों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
बच्चों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए चालकों के चरित्र सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया है। आईपीसी, सीआरपीसी या पोक्सो एक्ट के तहत किसी भी मामले में दोषसिद्ध व्यक्ति को स्कूल वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, किसी भी चालक की नियुक्ति से पहले उसका स्थायी पता और उसके दो निकटतम रिश्तेदारों का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। चालकों के पास भारी मोटर वाहन का वैध लाइसेंस और कम से कम एक वर्ष का कार्य अनुभव होना भी आवश्यक है।
परिवहन विभाग ने वाहनों के भौतिक मानकों और दस्तावेजों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सभी स्कूल बसों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप का होना अनिवार्य है। इसके साथ ही वाहन के सभी वैध दस्तावेज जैसे पंजीकरण प्रमाण पत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस और परमिट अद्यतन (Updated) होने चाहिए। इन नियमों के लागू होने से राज्य में स्कूली बच्चों के परिवहन में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है।