बिहार सरकार का बड़ा एक्शन : पश्चिम एशिया युद्ध के बीच मुख्य सचिव ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग, , 34 IAS अधिकारियों को सौंपी गई जिलों की कमान

बिहार सरकार ने पश्चिम एशिया युद्ध के कारण राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल आपात बैठक बुलाई है। सभी डीएम और सचिवों को अलर्ट किया गया है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

बिहार सरकार का बड़ा एक्शन : पश्चिम एशिया युद्ध के बीच मुख्य
Alt Text बिहार मुख्य सचिवालय, पटना में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की प्रतीकात्मक तस्वीर।- फोटो : gemini

Patna - बिहार सरकार ने पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी युद्ध से उत्पन्न वैश्विक स्थितियों के मद्देनजर राज्य स्तर पर हाई अलर्ट जारी किया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई है। यह बैठक पटना स्थित मुख्य सचिवालय के सभा कक्ष में आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया गया है। सरकार अंतरराष्ट्रीय संकट के बिहार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर समय रहते ठोस कदम उठाना चाहती है।

इन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रहेगी बैठक

अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी द्वारा जारी पत्र के मुताबिक, समीक्षा बैठक का प्राथमिक एजेंडा पश्चिम एशिया युद्ध के परिप्रेक्ष्य में बिहार के हितों की रक्षा करना है। बैठक में मुख्य रूप से तीन विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी: पहला, युद्ध के कारण बाधित होने वाली आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना ताकि राज्य में जमाखोरी या महंगाई न बढ़े; दूसरा, पश्चिम एशिया में काम कर रहे बिहार के हजारों प्रवासी श्रमिकों के हितों और उनकी सुरक्षा की जिला स्तरीय समीक्षा करना; और तीसरा, अन्य संबंधित विषयों पर जिला प्रशासन की तैयारियों का जायजा लेना।

वरिष्ठ अधिकारियों को जिलेवार मिली जिम्मेदारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी विभागीय अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है। इसके अलावा, राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (V.C.) के माध्यम से इस उच्च स्तरीय विमर्श से जुड़ेंगे। सरकार ने प्रशासनिक तत्परता सुनिश्चित करने के लिए 34 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों की एक सूची जारी की है, जिन्हें अलग-अलग जिलों के अनुश्रवण (monitoring) और समीक्षा की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। उदाहरण के तौर पर,  बी. राजेन्द्र को पटना,  अरविन्द कुमार चौधरी को भोजपुर और  विनय कुमार को मुजफ्फरपुर जिले की कमान दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय संकट पर राज्य सरकार की सतर्कता

पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है, बल्कि बिहार जैसे राज्य के लिए भी चिंता का विषय है, जहाँ से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाते हैं। बिहार सरकार द्वारा बुलाई गई यह आपात बैठक दर्शाती है कि राज्य प्रशासन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के स्थानीय प्रभावों को लेकर पूरी तरह सजग है। सरकार की कोशिश है कि युद्ध के कारण राज्य में ईंधन, भोजन या अन्य आवश्यक सेवाओं की किल्लत न हो और विदेश में फंसे बिहारवासियों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई की जा सके।