खाड़ी संकट: बिहार सरकार ने जारी किया विशेष हेल्पलाइन नंबर, प्रवासी कामगारों को मिलेगी त्वरित मदद

युद्ध के संकट को देखते हुए बिहार सरकार ने अपने प्रवासी कामगारों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली स्थित बिहार भवन के माध्यम से एक विशेष हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है, ताकि संकट में फंसे बिहारियों को तुरंत सरकारी सहायता मिल सके

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Patna : मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में गहराते युद्ध संकट के बीच बिहार सरकार ने वहां कार्यरत अपने नागरिक और कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली स्थित बिहार भवन से एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 7217788114 जारी किया है। 

दिल्ली बिहार भवन से संचालित होगी हेल्पलाइन

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने 02 मार्च को इस विशेष हेल्पलाइन सेवा की घोषणा की। यह हेल्पलाइन नंबर 7217788114 विशेष रूप से उन प्रवासी बिहारियों और उनके परिवारों के लिए है, जिन्हें खाड़ी देशों में मौजूदा तनावपूर्ण हालातों के कारण सहायता की आवश्यकता है। 

24x7 निगरानी और त्वरित कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि विभाग की एक समर्पित टीम इस हेल्पलाइन की 24×7 निगरानी कर रही है। संकट की स्थिति में जानकारी, सहायता या किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रवासी कामगार इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। ज़रूरत पड़ने पर विभाग तुरंत संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। 

"संकट में अकेला नहीं महसूस करेंगे प्रवासी"

हेल्पलाइन जारी करते हुए सचिव दीपक आनंद ने कहा कि बिहार सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट के हालात को देखते हुए यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि कोई भी प्रवासी बिहारी खुद को संकट की घड़ी में अकेला महसूस न करे। 

परिजनों से सहायता लेने की अपील

सरकार ने उन परिवारों से विशेष अपील की है जिनके सदस्य खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। यदि उनका कोई परिजन वहां किसी भी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा की स्थिति में है, तो वे तुरंत इस हेल्पलाइन का उपयोग करें। सरकार का लक्ष्य विदेशों में कार्यरत बिहार के श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधाओं को हर हाल में सुनिश्चित करना है। 

भरोसे और विश्वास का सेतु

बिहार सरकार का मानना है कि ऐसी पहल न केवल सुरक्षा का आश्वासन देती है, बल्कि प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच सरकार के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर जरूरतमंद प्रवासी तक सहायता पहुँचाने के लिए सभी आवश्यक और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।