अब रेरा पर रहेगी सम्राट चौधरी की सीधी नजर, डिजिटल डैशबोर्ड से होगी मॉनिटरिंग, घर खरीदारों की शिकायतों का तय समय में होगा निपटारा, अफसरों की ये जवाबदेही हो गई तय

Bihar RERA: अब बिहार रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के कामकाज पर राज्य सरकार की सीधी निगरानी रहेगी।

Bihar Govt to Digitally Monitor RERA, Speed Up Homebuyer Cas
अब रेरा पर सरकार की सीधी नजर- फोटो : social Media

Bihar RERA:  बिहार में रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिहार रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के कामकाज पर राज्य सरकार की सीधी निगरानी रहेगी। रेरा की पूरी कार्यप्रणाली को राज्य सरकार के डिजिटल डैशबोर्ड और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे लंबित मामलों, शिकायतों और परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे घर खरीदारों को तेज, पारदर्शी और प्रभावी न्याय मिल सकेगा।

शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रेरा के कामकाज की विस्तृत समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि रेरा का सबसे बड़ा उद्देश्य घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना है, इसलिए उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने रेरा की पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा पूरी संवेदनशीलता के साथ तय समयसीमा के भीतर होना चाहिए, ताकि लोगों का भरोसा सरकारी व्यवस्था पर और मजबूत हो। उनका कहना था कि पारदर्शी व्यवस्था से न केवल आम खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में भी जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित होगा।

सरकार के इस फैसले से रेरा के कामकाज की डिजिटल मॉनिटरिंग आसान होगी। राज्य सरकार सीधे डैशबोर्ड के माध्यम से यह देख सकेगी कि कितनी शिकायतें लंबित हैं, उनका निपटारा किस स्तर पर है और विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति क्या है। इससे अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी और मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी।

इस पहल का फायदा सिर्फ घर खरीदारों को ही नहीं, बल्कि प्रमोटर्स और डेवलपर्स को भी मिलेगा। परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी कम होगी और नियमों के तहत काम करने में सुविधा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य ऐसा डिजिटल और पारदर्शी तंत्र विकसित करना है, जहां खरीदारों को समय पर न्याय मिले, परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हों और बिहार का रियल एस्टेट सेक्टर अधिक विश्वसनीय, संगठित और निवेश के अनुकूल बन सके।