Bihar Health Department: बिहार में स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द, दिवाली-छठ पर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट, 24 घंटे मिलेंगी चिकित्सा सेवाएं

त्योहारों के दौरान अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या, पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं, आग लगने की घटनाओं और छठ घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे महकमे को अलर्ट मोड में रहने का फरमान जारी किया है।...

Bihar Health Department
बिहार में स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द- फोटो : X

Bihar Health Department:  दीपावली और लोकआस्था के महापर्व छठ को लेकर बिहार सरकार ने आम लोगों की सेहत और सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। त्योहारों के दौरान अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या, पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं, आग लगने की घटनाओं और छठ घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे महकमे को अलर्ट मोड में रहने का फरमान जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विभागीय अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा चिकित्सा सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने का निर्देश दिया है। विभाग की ओर से राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों, जिला अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष तैयारी रखने को कहा गया है। त्योहारों के दौरान सरकारी अस्पतालों में चौबीसों घंटे इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। वहीं प्रमुख और संवेदनशील छठ घाटों पर मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, जीवनरक्षक दवाओं और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सरकार का मकसद है कि पर्व के उल्लास के बीच किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

11 दिनों तक स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियों पर रहेगी पाबंदी

स्वास्थ्य विभाग ने 6 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सामान्य अवकाश पर रोक लगा दी है। इस अवधि में विशेष परिस्थिति को छोड़कर किसी को छुट्टी नहीं मिलेगी। अपरिहार्य स्थिति में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बाद ही अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की ड्यूटी रोस्टर के मुताबिक अनिवार्य की गई है। अस्पतालों के इमरजेंसी कक्ष और सूचना पट्ट पर ड्यूटी चार्ट प्रदर्शित करना भी जरूरी होगा, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को संबंधित चिकित्साकर्मी की जानकारी आसानी से मिल सके।

अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी, बर्न वार्ड और ऑक्सीजन की व्यवस्था

त्योहारों के दौरान पटाखों से जलने, चोट लगने, सांस लेने में परेशानी और अन्य आकस्मिक घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों को विशेष रूप से तैयार रहने को कहा गया है। सभी संस्थानों में जरूरी दवाएं, पट्टियां, सर्जिकल सामग्री, आईवी फ्लूड और ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखी जाएंगी।इसके अलावा बर्न वार्ड, क्रिटिकल केयर बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों में आग से झुलसे मरीजों के इलाज के लिए विशेष बेड भी आरक्षित रखे जाएंगे।

छठ घाटों पर मेडिकल कैंप, 102 एम्बुलेंस रहेंगी अलर्ट

छठ महापर्व के दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों के घाटों पर अर्घ्य देने पहुंचते हैं। इसे देखते हुए सभी प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे। सिविल सर्जनों को स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों की शिफ्टवार तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।राज्य की सभी 102 और अन्य एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट रखा जाएगा। एम्बुलेंस में जीवनरक्षक उपकरण, प्राथमिक उपचार किट और पर्याप्त ईंधन की व्यवस्था रहेगी। भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रमुख छठ घाटों के आसपास एम्बुलेंस की रणनीतिक तैनाती होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके।

मिठाई और खाद्य सामग्री में मिलावट पर होगी सख्त कार्रवाई

दीपावली और छठ के दौरान मिठाई, खोया, छेना, घी और खाद्य तेल की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। दुकानों और खाद्य निर्माण इकाइयों की नियमित जांच होगी। नकली अथवा मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पकड़े जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा की भी होगी विशेष जांच

पटाखों और दीयों के कारण आग लगने की आशंका को देखते हुए अस्पतालों में अग्निशमन उपकरणों, फायर अलार्म और आपातकालीन निकासी मार्गों की जांच कराई जाएगी। ऑक्सीजन प्लांट और सिलेंडर भंडार के आसपास विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल परिसर में दीये, मोमबत्ती और पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

जिलों में 24 घंटे कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन 104 भी सक्रिय

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की निगरानी के लिए सभी जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों में चौबीसों घंटे स्वास्थ्य नियंत्रण कक्ष संचालित होंगे। प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा और हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

राज्य स्तर पर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति का नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर 104 भी कार्यरत रहेगा। सभी जिलों से प्रतिदिन स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन तैयारियों की रिपोर्ट मांगी जाएगी।स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दीपावली और छठ के दौरान चिकित्सा व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य है कि बिहारवासी बेफिक्र होकर त्योहार मनाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें हर वक्त बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।

ब्यूरो रिपोर्ट