सरकार खुद आपके दरवाजे आई है... बिहार ने खोला निवेश का दरवाजा, शिक्षा मंत्री का CSR जगत से बड़ा आह्वान-अब उत्तर भारत को भी संवारिए
Bihar Education News: बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने देश की बड़ी कॉरपोरेट और सामाजिक संस्थाओं को खुला न्योता दिया है।...
Bihar Education News: बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने देश की बड़ी कॉरपोरेट और सामाजिक संस्थाओं को खुला न्योता दिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कर्नाटक के मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम में आयोजित सीएसआर कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि जिस तरह दक्षिण भारत में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से विकास की नई इबारत लिखी गई है, उसी तरह बिहार और उत्तर भारत को भी उसका लाभ मिले।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में अन्य राज्यों की तुलना में सीएसआर फंड का निवेश अपेक्षाकृत कम है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश को आसान बनाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल किया है और संस्थाओं को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। अपने संबोधन में उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु मधुसूदन साई से बिहार में भी कर्नाटक की तर्ज पर शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और पोषण केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज सरकार खुद आपके पास आई है। आप बिहार आइए और अपनी सेवा का विस्तार कीजिए।
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि बिहार के करीब 97 हजार विद्यालयों में दो करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें इस तरह की सामाजिक पहलों से सीधा लाभ मिल सकता है। उन्होंने सत्य साई ग्राम के वेद विद्यालय, मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा कर वहां की अनुशासन, स्वच्छता, निस्वार्थ सेवा और सामाजिक समर्पण की सराहना करते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी मॉडल बताया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार आज तेज़ी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार में काम करने वाली सभी संस्थाओं को राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।
उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और अनेक महान विभूतियों की भूमि रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य की एक करोड़ से अधिक जीविका दीदियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलासशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। कार्यक्रम में टीसीएस के पूर्व सीईओ रामदोरई, सेबी के पूर्व चेयरमैन एन. दामोदरन, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सीईओ के.आर. लक्ष्मीनारायण सहित सीएसआर क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। मंत्री ने सभी संस्थाओं से आह्वान किया कि "विकसित भारत-2047" के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार और समाज को मिलकर बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक निवेश करना होगा।