जेलकर्मियों पर कानून का शिकंजा, डिप्टी जेलर सस्पेंड, बेउर जेल से सासाराम तक कई कर्मी निलंबित

Bihar Prison Officials Suspended: बिहार के कारा विभाग में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कई जेलकर्मियों पर कानून का शिकंजा कस दिया गया है। ...

Bihar Jail Crackdown Deputy Jailer Staff Suspended
बेउर जेल से सासाराम तक कई जेलकर्मी निलंबित- फोटो : social Media

Bihar Prison Officials Suspended: बिहार के कारा विभाग में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कई जेलकर्मियों पर कानून का शिकंजा कस दिया गया है। सबसे बड़ी कार्रवाई दरभंगा मंडल कारा के सहायक अधीक्षक नन्दू चौधरी पर हुई है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उन पर अपनी पत्नी की कथित दहेज हत्या और प्रताड़ना का संगीन इल्ज़ाम है। वहीं बेउर केंद्रीय आदर्श जेल और सासाराम मंडल कारा में भी अनियमितताओं, मिलीभगत और ड्यूटी में लापरवाही के आरोपों में कई कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

नन्दू चौधरी का मामला पिछले दिनों समस्तीपुर में सुर्खियों में रहा था। विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव स्थित आवास से उनकी पत्नी श्वेता कुमारी का शव फंदे से लटका मिला था। मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का दावा है कि विवाह के बाद से ही 10 लाख रुपये नकद और फॉर्च्यूनर गाड़ी की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप यह भी है कि मांग पूरी नहीं होने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। घटना के बाद ससुराल पक्ष के कई लोग फरार हो गए थे। इसी मामले में विद्यापतिनगर थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज है।

कारा विभाग ने नन्दू चौधरी के खिलाफ आरोप-पत्र जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। इसी कार्रवाई के तहत कक्षपाल निर्मल कुमार पासवान और शिवशंकर कुमार को भी अलग-अलग अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया।

उधर, 20 जून को केंद्रीय आदर्श बेउर जेल में हुई छापेमारी के बाद सामने आई गंभीर गड़बड़ियों पर भी विभाग का डंडा चला है। जांच में जेल के भीतर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने, अधिकारियों से कथित मिलीभगत, बंदियों को टीवी और हीटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने, मेस और गोदाम में अनियमितता, घटिया भोजन परोसने तथा कम उम्र के बंदियों को कुख्यात कैदियों के साथ रखने जैसे गंभीर आरोप सामने आए। इन आरोपों में उच्च कक्षपाल उमेश कुमार सिन्हा समेत तीन कक्षपालों को निलंबित कर दिया गया।

वहीं सासाराम मंडल कारा के कक्षपाल सोनू कुमार पर मुलाकाती से अवैध वसूली, नशे की हालत में ड्यूटी करने और बिना अनुमति जेल परिसर छोड़ने के आरोप में कार्रवाई की गई है। कारा विभाग ने साफ संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार, लापरवाही और नियमों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।