Bihar Jeevika: नवरात्रि में सुधा उत्पादों की बढ़ी डिमांड, जीविका दीदियों की होगी बंपर कमाई, 60 हजार की सरकारी मदद से ऐसे खोलें अपना बिक्री केंद्र
Bihar Jeevika: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र खोलने की दिशा में काम किया जा रहा है। ...
Bihar Jeevika: नवरात्रि के पावन अवसर पर बिहार के गांवों में दूध, दही, घी और मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। पूजा-पाठ, व्रत और प्रसाद की तैयारियों के बीच जीविका-सुधा बिक्री केंद्र ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बड़ी सहूलियत बनकर उभर रहे हैं। इन केंद्रों के जरिए लोगों को गांव में ही सुधा के दुग्ध उत्पाद और लोकप्रिय मिठाइयां उपलब्ध हो रही हैं। वहीं, दूसरी ओर जीविका दीदियों के लिए त्योहारों का मौसम अतिरिक्त आमदनी जुटाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर लेकर आया है।मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र खोलने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस पहल का मकसद ग्रामीण इलाकों में दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता आसान बनाने के साथ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना भी है।
नवरात्रि में दूध-दही से लेकर मिठाइयों तक की बढ़ी मांग
नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं और पूजा-पाठ करने वाले परिवारों के बीच दूध, दही, घी और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए जीविका-सुधा बिक्री केंद्रों पर सुधा के विभिन्न दुग्ध उत्पादों के साथ रसगुल्ला, राजभोग, गुलाब जामुन, चमचम और बालूशाही जैसी मिठाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।स्थानीय स्तर पर उत्पाद मिलने से ग्रामीणों को खरीदारी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। वहीं, बिक्री बढ़ने से केंद्र संचालित करने वाली महिलाओं को भी आमदनी बढ़ाने का मौका मिलता है।
कमला देवी के अनुभव में दिखा त्योहार का असर
हाल ही में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र शुरू करने वाली कमला देवी बताती हैं कि नवरात्रि के दौरान उनके केंद्र पर ग्राहकों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। उनके मुताबिक, इस पावन अवसर पर दूध, दही और पेड़ा जैसे उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा रसगुल्ला, राजभोग, गुलाब जामुन, चमचम और बालूशाही जैसी मिठाइयां भी ग्राहकों को पसंद आती हैं।
कमला देवी का कहना है कि नवरात्रि समेत दूसरे त्योहारों में बिक्री बढ़ने से जीविका दीदियों की कमाई में इजाफा करने का अच्छा अवसर मिलता है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
₹60 हजार की सरकारी सहायता, ₹15 हजार खुद लगाने होंगे
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका-सुधा बिक्री केंद्र शुरू करने के लिए महिला लाभार्थियों को 60 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। इस राशि का इस्तेमाल डीप फ्रीजर, विजी कूलर, ब्रांडिंग, परिवहन सहायता, दुकान की पेंटिंग और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था में किया जा सकता है।केंद्र शुरू करने के लिए लाभार्थी महिला को अपनी ओर से 15 हजार रुपये का अंशदान भी देना होगा। इस तरह कुल 75 हजार रुपये के निवेश से बिक्री केंद्र स्थापित किया जा सकता है।
कौन खोल सकता है जीविका-सुधा बिक्री केंद्र?
इस योजना के तहत आवेदन करने वाली महिला के लिए जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उसके पास अपनी या किराये की दुकान होनी चाहिए, जहां बिक्री केंद्र का संचालन किया जा सके।योजना के जरिए गांवों में सुधा उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और महिलाओं को कारोबार का अवसर देने पर जोर है। नवरात्रि के दौरान बढ़ती मांग इस पहल के लिए अतिरिक्त अवसर पैदा कर रही है।
हीरेश कुमार