Bihar Modi temple: पटना में पीएम मोदी को बनेगा मंदिर, सोने की लगेगी मूर्ति, शिलान्यास की तैयारी

Bihar Modi temple: पटना में करीब 5 एकड़ जमीन पर लगभग 112 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंदिर बनाने की योजना है। ...

Bihar Kinnar Board Proposes 112 Crore Temple for PM Modi
पीएम मोदी को बनेगा मंदिर- फोटो : social Media

Bihar Modi temple: बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राजन सिंह का बयान चर्चा में है। उन्होंने पीएम मोदी को भगवान श्रीराम के समान बताते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी उनके लिए आराध्य हैं और उनके खिलाफ किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी का किन्नर समाज विरोध करेगा। उनके इस बयान के बाद बिहार की सियासत और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

डॉ. राजन सिंह के मुताबिक पटना में करीब 5 एकड़ जमीन पर लगभग 112 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंदिर बनाने की योजना है। मंदिर में पीएम मोदी की सोने की मूर्ति स्थापित करने की बात भी कही गई है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी के इंतजार में है।बकौल सिंह पटना में जैसे ही मंदिर के लिए जमीन आवंटित होगी, शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी इस बाबत में बातचीत हुई है और सीएम खुद मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे।

बताया गया कि 29 जुलाई को किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें मंदिर निर्माण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बोर्ड उपाध्यक्ष ने कहा कि अगर निर्माण के लिए राशि कम पड़ती है तो किन्नर समाज के लोग मिलकर आर्थिक सहयोग करेंगे। उन्होंने दावा किया कि समाज के लोग मंदिर के लिए सोने-चांदी की वस्तुएं भी दान करने को तैयार हैं।

राजन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए किए गए कानूनी प्रावधानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2019 में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों को लेकर कानून बनने के बाद शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं में अवसर बढ़े हैं।उन्होंने दावा किया कि आज किन्नर समाज के लोग दरोगा, होमगार्ड, सिपाही, डॉक्टर और इंजीनियर जैसे पदों पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार और बोर्ड में भी समुदाय के लोगों को जिम्मेदारियां मिल रही हैं।

मंदिर के लिए पटना में करीब 5 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है और इसके लिए समाज कल्याण विभाग को प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही गई है। हालांकि, मंदिर निर्माण की योजना पर राज्य सरकार की अंतिम स्वीकृति मिलनी अभी बाकी है।