KYP strike: KYP संचालकों का आंदोलन खत्म! सरकार के भरोसे के बाद संजीव चौरसिया ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन

KYP strike: बिहार में KYP केंद्र संचालकों की भूख हड़ताल और आंदोलन सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हो गया। संजीव चौरसिया ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। जानें क्या थीं संचालकों की मांगें।

KYP strike

KYP strike: बिहार की राजधानी पटना में कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) केंद्र संचालकों का आंदोलन और भूख हड़ताल सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हो गया है। अपनी मांगों को लेकर संचालक पिछले कुछ समय से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल कर रहे थे।

KYP केंद्र संचालकों का कहना था कि राज्य के कई केंद्र पिछले कुछ महीनों से बंद हैं। इसकी वजह से कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं और युवाओं का प्रशिक्षण भी प्रभावित हो रहा है। संचालक री-टेंडरिंग की प्रक्रिया का भी विरोध कर रहे थे।


बंद KYP सेंटर खोलने की थी मांग


आंदोलन कर रहे संचालकों की मुख्य मांग बंद पड़े KYP केंद्रों को जल्द दोबारा शुरू करना और नए नामांकन की प्रक्रिया शुरू करना था। इसके साथ ही पुराने KYP केंद्रों का संचालन जारी रखने और उन्हें सुरक्षित रखने की मांग भी की जा रही थी। संचालकों का कहना था कि केंद्र बंद रहने से बड़ी संख्या में युवाओं को कुशल युवा कार्यक्रम का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए सरकार से इस मामले में जल्द फैसला लेने की मांग की गई थी।


सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हुआ अनशन


सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद KYP केंद्र संचालकों ने अपना आंदोलन और भूख हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद बीजेपी नेता संजीव चौरसिया ने जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। आंदोलन के दौरान जितेंद्र तिवारी, प्रभात सिन्हा और आनंद रंजन समेत कुल 11 लोग भूख हड़ताल पर बैठे थे। सरकार के आश्वासन के बाद इन लोगों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। अब KYP केंद्र संचालकों को उम्मीद है कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार बंद केंद्रों को दोबारा शुरू करने और नामांकन से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट पुष्कर प्रवीण