Bihar Land Registry: बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नियम हुए सख्त ! अब इस दस्तावेज के बिना नहीं खरीद सकेंगे जमीन, नीतीश सरकार का ऐलान

Bihar Land Registry: बिहार में अगर आप ज़मीन या कोई संपत्ति खरीदने का मन बना रहे हैं तो ये ख़बर आपके लिए बेहद ज़रूरी है। सरकार ने ज़मीन रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव किया है जिसका सीधा असर आपकी जेब और आपके दस्तावेज़ों पर पड़ने वाला है। पढ़िए आगे

Bihar Land Registry
जमीन रजिस्ट्री के लिए नया नियम - फोटो : social media

Bihar Land Registry:  बिहार में अगर आप भी जमीन खरीदने का सपना देख रहे हैं तो आपको अपने दस्तावेज को तैयार कर लेना होगा। दरअसल, राज्य में जमीन और संपत्ति की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। अब 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की किसी भी जमीन,मकान या अन्य अचल संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य कर दिया गया है।

अब ये दस्तावेज होगा जरुरी 

नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री के समय पैन नंबर दर्ज करना जरूरी होगा। यदि किसी व्यक्ति के पास पैन कार्ड नहीं है तो उसे वैकल्पिक घोषणा पत्र देना होगा। जिसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाएगी। इससे संपत्ति से जुड़े लेन-देन सीधे वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़ जाएंगे और हर बड़ी डील का डिजिटल ट्रैक तैयार होगा।

सरकार का नया नियम

बता दें कि,लंबे समय से जमीन खरीद-फरोख्त में बेनामी सौदे,नकद लेन-देन और फर्जी मालिकाना हक की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई मामलों में असली जमीन मालिक को बाद में पता चलता था कि उसकी जमीन किसी और के नाम रजिस्ट्री हो चुकी है। सरकार का मानना है कि नए नियम से ऐसी धोखाधड़ी पर रोक लगेगी और फर्जी रजिस्ट्री कराना मुश्किल होगा।

धोखाधड़ी पर लगेगी रोक 

इस बदलाव से आम खरीदारों को भी फायदा होगा। जमीन खरीदने से जुड़ा हर लेन-देन अब सरकारी सिस्टम में दर्ज रहेगा। जिससे विवाद की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। साथ ही,नकद में बड़ी डील कराना कठिन होगा और टैक्स चोरी पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जमीन बाजार को अनौपचारिक व्यवस्था से निकालकर एक व्यवस्थित और सुरक्षित प्रणाली की ओर ले जाएगा। अब संपत्ति का सौदा केवल दो पक्षों के बीच समझौता नहीं रहेगा बल्कि कानूनी और वित्तीय रूप से दर्ज जिम्मेदार लेन-देन माना जाएगा।