Bihar Land Survey: जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, आपके पास जमीन के कागजात उपलब्ध नहीं तो क्या करें, मंत्री ने साफ साफ बताया...
Bihar Land Survey: बिहार में जमीन सर्वे के बीच राजस्व मंत्री ने जमीन मालिकों को बड़ी राहत दी है। आइए जानते हैं अगर आपके पास जमीन के कागजात नहीं है तो आपको क्या करना चाहिए।

Bihar Land Survey: बिहार में भूमि सर्वे का काम तेजी से जारी है। सर्वे में लोगों को कई परेशानी भी आ रही है। इन परेशानियों को दूर करने के लिए लगातार राजस्व विभाग की ओर से कोशिश की जा रही है। सर्वे में सबसे बड़ी परेशानी भू मालिकों को तब हो रही है जब उनके पास कागजात उपलब्ध नहीं रह रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग ने ऐसे भू मालिकों को बड़ी राहत दी है। राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने बताया है कि अगर भू-मालिकों के पास कागज नहीं है तो वो क्या करें।
स्वघोषणा के साथ सभी कागजात अनिवार्य नहीं
बता दें कि, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने स्पष्ट किया है कि स्वघोषणा के साथ जमीन के सभी कागजात देना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि रैयतों को वर्तमान में सिर्फ वही दस्तावेज देने हैं जो उनके पास उपलब्ध हैं, शेष कागजात किस्तवार और खानापुरी के समय दिए जा सकते हैं। इस प्रकार बिहार के जमीन मालिक बेहतर ढंग से भूमि सर्वे में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
मंत्री की सख्त चेतावनी
दरअसल, 31 मार्च को स्वघोषणा जमा करने की अंतिम तिथि समाप्त होने के तीन दिन बाद मंत्री सरावगी ने राज्यभर में चल रहे भूमि सर्वे की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने कई जिलों में स्वघोषणा की कम संख्या पर नाराजगी जाहिर की और खराब प्रदर्शन वाले सर्वे शिविरों की पहचान कर संबंधित कर्मियों को सख्त चेतावनी दी। मंत्री ने कहा कि यदि 15 दिनों में प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित कर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।
ये जिले सबसे पीछे, तो ये आगे
पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के 10 अंचलों में सबसे कम स्वघोषणाएं प्राप्त हुई हैं। पश्चिम चंपारण के बेतिया, पिपरासी, मधुबनी, ठकराहा, भितहा और पूर्वी चंपारण के पिपराकोठी, तुरकौलिया, बनकटवा, छौड़ादानो और रक्सौल अंचलों की स्थिति चिंताजनक है। उदाहरणस्वरूप, बेतिया सदर में अब तक मात्र 187 और पिपरासी में केवल 524 स्वघोषणाएं प्राप्त हुई हैं। दूसरी तरफ अररिया सदर अंचल में रैयतों से प्राप्त स्वघोषणा की संख्या 136777 पहुंच गई है। दूसरे नंबर पर आनेवाने दरभंगा के बिरौल शिविर में कुल 114067 स्वघोषणा प्राप्त हुई है। दरभंगा का बहेड़ी, कुशेश्वर स्थान, अररिया का जौकी हाट, फारबिसगंज एवं पलासी में भी बड़ी संख्या में रैयतों ने स्वघोषणा जमा किया है। इसी प्रकार समस्तीपुर के कल्याणपुर और औरंगाबाद के नबीनगर सर्वे शिविर की स्थिति भी स्वघोषणा प्राप्त करने के मामले में संतोषप्रद है।
सर्वे काम में लाए तेजी
बैठक में स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने की संभावना पर भी विचार हुआ। जिसमें तकनीकी और विधिक अड़चनों पर गंभीर चर्चा की गई। जानकारी के अनुसार 31 मार्च तक कुल 1.15 करोड़ स्वघोषणाएं प्राप्त हुई हैं। जिनमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों शामिल हैं। मंत्री सरावगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि सर्वे में हो रही देरी के पीछे सर्वर की खराबी एक प्रमुख कारण है। इस समस्या की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। निदेशालय ने बताया कि सभी नौ प्रमंडलों का डेटा अलग-अलग करने में समय लगा है, जिससे प्रक्रिया धीमी हुई है।