अब आसमान से दिखेगा बिहार का अद्भुत नजारा, मुख्यमंत्री ने लॉन्च की हेली-टूरिज्म योजना, हेलिकॉप्टर और विमान से होगा वाल्मीकिनगर, राजगीर व कैमूर का सफर, रेट भी जान लीजिए
Bihar Air Tourism: बिहार में पर्यटन को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने "मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026" का शुभारंभ कर दिया है। ...
Bihar Air Tourism: बिहार में पर्यटन को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने "मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026" का शुभारंभ कर दिया है। इस योजना के तहत अब पर्यटक हेलिकॉप्टर और छोटे विमान के जरिए बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों का हवाई सफर कर सकेंगे। योजना के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि इसकी नियमित सेवाएं 18 जुलाई से शुरू होंगी।
पर्यटन विभाग के अनुसार, इच्छुक पर्यटक बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य राज्य के धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों तक आसान, तेज और आकर्षक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।

योजना के पहले चरण में पटना को वाल्मीकिनगर, राजगीर और कैमूर से जोड़ा गया है। वाल्मीकिनगर के लिए राजकीय विमान का संचालन किया जाएगा, जबकि राजगीर और कैमूर के लिए 6+2 सीटर किराये के हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक हेलीकॉप्टर फेरी में अधिकतम 5 सीटें पर्यटकों के लिए आरक्षित रहेंगी।

पटना-वाल्मीकिनगर-पटना एयर सेवा प्रत्येक शनिवार और रविवार को संचालित होगी। इस रूट पर पर्यटक 20-सीटर छोटे विमान से यात्रा करेंगे। पहली उड़ान सुबह 10 बजे पटना से रवाना होकर वाल्मीकिनगर पहुंचेगी और वहां से 11 बजे वापसी करेगी। दूसरी उड़ान दोपहर 3 बजे पटना से प्रस्थान करेगी और 4:30 बजे वाल्मीकिनगर से लौटेगी। पर्यटन विभाग ने इस मार्ग का एकतरफा किराया 5,000 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया है। हर सप्ताह इस सेवा के तहत सीमित सीटों की व्यवस्था की गई है, जिससे पर्यटकों को पहले से बुकिंग करानी होगी।
सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल बिहार के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी, बल्कि राज्य के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों तक देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच भी आसान होगी। हवाई पर्यटन की इस पहल से स्थानीय रोजगार, होटल उद्योग और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब बिहार की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर का आनंद सड़क नहीं, बल्कि आसमान की ऊंचाइयों से भी लिया जा सकेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट