पटना स्नातक चुनाव : अनंत सिंह पर भड़के विजय सिन्हा... कोई फर्क नहीं पड़ता, नीरज को ये दिलाएंगे सबसे बड़ी जीत
विजय सिन्हा ने कहा कि वह नीरज कुमार के समर्थन में बाढ़ में चुनाव प्रचार करने जा रहे हैं। उन्हें नीरज की जीत का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यह पढ़े-लिखे लोगों का चुनाव है और इसमें जनता मालिक ही तय करती है कि कौन जीतेगा
Bihar News : पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए एनडीए ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस चुनाव में नीरज कुमार के विरोध में खड़े मोकामा विधायक अनंत सिंह को बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को बिना नाम लिए निशाने पर लिया। उन्होंने साफ कहा कि यह पढ़े-लिखे लोगों का चुनाव है और जनता मालिक ने नीरज कुमार को जिताने का फैसला कर लिया है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी आज बाढ़ में चुनाव प्रचार करने जा रहे हैं। ऐसे में यह मुकाबला अब नीरज कुमार की जीत के साथ-साथ नीतीश परिवार की साख और निशांत के नेतृत्व की परीक्षा भी बन गया है।
विजय सिन्हा बोले- जनता मालिक तय करेगी कौन जीतेगा
विजय सिन्हा ने कहा कि वह नीरज कुमार के समर्थन में बाढ़ में चुनाव प्रचार करने जा रहे हैं। उन्हें नीरज की जीत का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यह पढ़े-लिखे लोगों का चुनाव है और इसमें जनता मालिक ही तय करती है कि कौन जीतेगा। किसी के विरोध करने से कोई फर्क नहीं पड़ता। जनता वोट देती है और एनडीए चुनाव जीतने जा रहा है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अनंत सिंह ने जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अनंत सिंह जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। पार्टी की ओर से उन्हें मनाने और इस मुद्दे पर बातचीत करने की कोशिश भी हुई, लेकिन वह अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में चुनाव परिणाम के बाद अनंत सिंह के खिलाफ जदयू की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना भी चर्चा में है।
निशांत के लिए भी प्रतिष्ठा की लड़ाई
इस चुनाव में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। सक्रिय राजनीति में आने के बाद यह पहला चुनाव है, जिसमें उनके नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव की परीक्षा हो रही है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नालंदा और नवादा जिले आते हैं। नालंदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह क्षेत्र रहा है और यहां का राजनीतिक समीकरण जदयू के लिए खास महत्व रखता है।
नीतीश कुमार लंबे समय से कुर्मी-कुशवाहा यानी लव-कुश समीकरण को अपना मजबूत राजनीतिक आधार मानते रहे हैं। अब इस सामाजिक और राजनीतिक आधार को अपने साथ बनाए रखने की जिम्मेदारी निशांत कुमार पर भी है। पटना स्नातक चुनाव इस लिहाज से अहम है कि नीरज कुमार की जीत से निशांत अपनी राजनीतिक पकड़ और नेतृत्व क्षमता का संदेश दे सकते हैं।
23 अक्टूबर को मतदान, 27 को मतगणना
नीरज कुमार की जीत सुनिश्चित करना एनडीए के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। एक तरफ अनंत सिंह की चुनौती है, तो दूसरी ओर निशांत कुमार के नेतृत्व की परीक्षा। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद साफ होगा कि पटना स्नातक सीट पर किसका राजनीतिक प्रभाव भारी पड़ता है।