Bihar News : बिहार म्यूजियम बनेगा 'कौशल विकास केंद्र', युवाओं के लिए शुरू होंगे आर्कियोलॉजी और डिजाइनिंग जैसे नए कोर्स

Bihar News : बिहार म्यूजियम कौशल विकास का नया केंद्र बनेगा. इसके लिए यहाँ आर्कियोलॉजी और डिजाइनिंग जैसे नए कोर्स की शुरुआत की जाएगी......पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार म्यूजियम बनेगा 'कौशल विकास केंद्र', युवाओ
कौशल विकास का नया केंद्र - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : राजधानी पटना स्थित विश्वस्तरीय बिहार म्यूजियम अब केवल प्राचीन ऐतिहासिक धरोहरों को देखने का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह युवाओं के भविष्य को संवारने वाला एक 'स्किल हब' बनने जा रहा है। म्यूजियम प्रशासन ने युवाओं में व्यावसायिक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से आर्कियोलॉजी (पुरातत्व), म्यूजियोलॉजी (संग्रहालय विज्ञान) और डिजाइनिंग के विशेष कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। यह पहल राज्य में पहली बार की जा रही है, जिससे इन विषयों में रुचि रखने वाले छात्रों को नई दिशा मिलेगी।

इस महत्वपूर्ण योजना को धरातल पर उतारने के लिए बिहार म्यूजियम प्रशासन और बिहार कौशल विकास मिशन के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। योजना के मुताबिक, ये सभी कोर्स 3-3 महीने की अवधि के शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट प्रोग्राम होंगे। इन पाठ्यक्रमों का मुख्य लक्ष्य युवाओं को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाना है ताकि वे संबंधित क्षेत्रों में सीधे रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।

पाठ्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बिहार म्यूजियम ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से हाथ मिलाया है। डिजाइनिंग कोर्स के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को बुलाने की तैयारी है। वहीं, आर्कियोलॉजी और म्यूजियोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों के लिए बिहार म्यूजियम में पहले से कार्यरत अनुभवी विशेषज्ञ ही युवाओं को गहन प्रशिक्षण देंगे।

बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी की समस्या को कम करना है। उन्होंने कहा कि इन कोर्सेज के माध्यम से युवाओं को उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, म्यूजियम ने अनंत यूनिवर्सिटी के साथ भी एक समझौता (MoU) किया है, जिसके तहत डिजाइनिंग के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर आधारित शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी।

कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को बिहार म्यूजियम की ओर से प्रमाणपत्र (Certificate) प्रदान किया जाएगा। यह सर्टिफिकेट विभिन्न सरकारी और निजी संग्रहालयों, कला दीर्घाओं और डिजाइन फर्मों में नौकरी पाने में सहायक सिद्ध होगा। इन कोर्सेज के लिए आवेदन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की संभावना है, जिससे कला और इतिहास के प्रति उत्साही युवाओं को अपने जुनून को पेशे में बदलने का सुनहरा मौका मिलेगा।