गंगा किनारे बनेंगे अंबिका, विश्वामित्र और नारायणी पथ, बिहार के 6 जिलों को मिलेगी बड़ी राहत! पटना से गोपालगंज-बक्सर तक सफर होगा आसान

Bihar Ganga Path: बिहार में अब जल्द ही तीन नए गंगा पथों का निर्माण किया जाएगा। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कई जिलों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

गंगा किनारे बनेंगे अंबिका, विश्वामित्र और नारायणी पथ, बिहार
गंगा किनारे बनेंगे अंबिका, विश्वामित्र और नारायणी पथ- फोटो : social Media

Bihar Ganga Path: पटना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां बिहार सरकार राज्य में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की तैयारी में जुट गई है। बिहार में अब जल्द ही तीन नए गंगा पथों का निर्माण किया जाएगा। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कई जिलों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।सरकार ने इन गंगा पथों के निर्माण से पहले सर्वे और तकनीकी अध्ययन की प्रक्रिया तेज कर दी है। बिहार राज्य पथ विकास निगम की ओर से जारी निविदा में आधा दर्जन एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। इनमें से एक एजेंसी का चयन अगले सप्ताह तक परामर्शी के रूप में किया जाएगा।इन तीनों प्रस्तावित गंगा पथों में बिदुपुर से दिघवारा तक गंगा अंबिका पथ, मनेर-बक्सर गंगा पथ यानी विश्वामित्र पथ और सारण के दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक नारायणी पथ शामिल हैं।

इन परियोजनाओं के लिए चयनित परामर्शी एजेंसी फाइनल एलाइनमेंट, निर्माण लागत, यातायात दबाव और भविष्य की जरूरतों का आकलन करेगी। अधिकारियों के अनुसार अगले 20 से 25 वर्षों में इन सड़कों पर बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव का भी अध्ययन किया जाएगा।इसके अलावा इन पथों से संभावित टोल टैक्स आय का भी अनुमान लगाया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया करीब छह महीने में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्तावित गंगा अंबिका पथ बिदुपुर से दिघवारा तक करीब 56 किलोमीटर लंबा होगा। यह गंगा नदी के दक्षिणी किनारे से होकर गुजरेगा।वहीं, मनेर-बक्सर विश्वामित्र पथ की लंबाई करीब 90 किलोमीटर होगी। जबकि सारण के दरिहारा से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक बनने वाला नारायणी पथ करीब 73.51 किलोमीटर लंबा होगा।इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पटना, सारण, सीवान, गोपालगंज, भोजपुर और बक्सर समेत कई जिलों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।

इधर बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर भी स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने कहा है कि स्टेट हाईवे पर केवल व्यावसायिक वाहनों से ही टैक्स लिया जाएगा।परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने मंगलवार को विधान परिषद में इसकी जानकारी दी। राजद एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी द्वारा टैक्स नहीं लगाने की मांग पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि सड़क और आधारभूत संरचना के विकास के लिए शुल्क संग्रह जरूरी है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने नियमावली अधिसूचित कर दी है, हालांकि अभी लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के अनुसार केवल पीले रंग के नंबर प्लेट वाले व्यावसायिक वाहनों से ही टोल वसूली की जाएगी।सरकार का दावा है कि बेहतर सड़क नेटवर्क के लिए यह कदम जरूरी है, जबकि विपक्ष लगातार आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ को लेकर सवाल उठा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि तीनों गंगा पथ परियोजनाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं और बिहार के विकास की रफ्तार को कितना आगे बढ़ाती हैं।