बिहार में सौर ऊर्जा का 'महा-धमाका': 14 हजार घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल, अब बिजली बिल की टेंशन होगी खत्म
बिहार में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' और 'पीएम कुसुम योजना' के तहत राज्य में 14,000 से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के निदेशक श्री मीर मोहम्मद अली ने इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
Patna - नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के निदेशक मीर मोहम्मद अली ने गुरुवार को पटना में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' और 'पीएम कुसुम योजना' की गहन समीक्षा की। विद्युत भवन स्थित सभागार में आयोजित इस बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र कुमार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
14,000 से अधिक घरों में लगे रूफटॉप सोलर पैनल
बैठक में जानकारी दी गई कि बिहार में ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर (GCRT) पैनल लगाने का काम तेजी से चल रहा है। NBPDCL के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार ने बताया कि अब तक दक्षिण बिहार में लगभग 9,885 घरों में और उत्तर बिहार में 4,715 घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के प्रति बढ़ती रुचि और जागरूकता को दर्शाता है।

आकर्षक सब्सिडी और ब्याज दरों पर मिल रहा ऋण
इन योजनाओं के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर सरकार की ओर से आकर्षक अनुदान (सब्सिडी) मिल रही है:
1 से 2 किलोवाट तक: ₹30,000 प्रति किलोवाट।
3 किलोवाट या अधिक : अधिकतम ₹78,000 का अनुदान। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को 5.75% की कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
बैंकिंग और वेंडर प्रक्रियाओं की बाधाएं दूर करने के निर्देश

एमएनआरई निदेशक श्री मीर मोहम्मद अली ने समीक्षा के दौरान बैंकों और वेंडर प्रक्रियाओं में आ रही चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से लोन प्रोसेसिंग में होने वाली देरी और सब्सिडी की दूसरी किस्त के भुगतान में विलंब जैसी समस्याओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया। बैंकों को सौर ऊर्जा से संबंधित सब्सिडी आवेदनों की अस्वीकृति दर कम करने के लिए भी निर्देशित किया गया, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर योजना का पूरा लाभ मिल सके।
बिहार में स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार तेज: डिस्कॉम अधिकारियों का बयान
NBPDCL के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार ने बताया कि डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं के हित में कई पहल की हैं, जैसे 10 किलोवाट तक टेक्निकल फिजिबिलिटी शुल्क माफ करना और नेट मीटरिंग के लिए शुल्क नहीं लेना। SBPDCL के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र कुमार ने कहा कि इन योजनाओं से बिहार में स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार तेज हो रहा है और उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आ रही है।
हरित ऊर्जा में आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम कुसुम योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाएं हैं। इनका मुख्य उद्देश्य देश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे पर्यावरणीय स्थिरता के साथ-साथ बिजली की बढ़ती मांग को भी पूरा किया जा सके। बिहार में इन योजनाओं की प्रगति देश के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है 6