AEDO BPSC Exam Cancelled: BPSC AEDO एग्जाम क्यों रद्द हुआ? परीक्षा से पहले ही तैयार थी आंसर की, जानें पूरी बात

AEDO BPSC Exam Cancelled: BPSC की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) की परीक्षा में बिहार पुलिस और जांच एजेंसी को बड़े गैंग के शामिल होने की आशंका है।

AEDO BPSC Exam Cancelled
BPSC परीक्षा विवाद!- फोटो : social media

AEDO BPSC Exam Cancelled: BPSC की तरफ से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस मामले में बिहार पुलिस और जांच एजेंसियों को एक बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नालंदा के सोहसराय और पटना में छापेमारी के दौरान जो ‘आंसर की’ बरामद की गई, वह सही पाई गई है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि ये आंसर की परीक्षा शुरू होने से पहले ही तैयार कर ली गई थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्न पत्र कब और कैसे लीक हुआ और किन लोगों तक पहुंचा।

इस मामले में अब तक तीन दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें परीक्षा में लगे कर्मचारी, बायोमेट्रिक ऑपरेटर, अभ्यर्थी और अन्य लोग शामिल हैं। मुंगेर से गिरफ्तार 22 आरोपियों से देर रात तक पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर BPSC ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। हालांकि आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधिकारी इस मामले पर खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। राज्य सरकार के निर्देश पर 18 अप्रैल को EOU ने जांच अपने हाथ में ली थी और 13 दिन के भीतर ही परीक्षा रद्द कर दी गई।

बायोमेट्रिक से जुड़ी एजेंसी की बड़ी भूमिका

जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में बायोमेट्रिक से जुड़ी एजेंसी की बड़ी भूमिका हो सकती है। BPSC ने बायोमेट्रिक उपस्थिति के लिए मेसर्स साईं एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी दी थी। आरोप है कि इस एजेंसी के कुछ कर्मचारी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र की फोटो खींचकर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए बाहर भेजते थे। इसके बाद ‘सॉल्वर’ उन सवालों के जवाब तैयार कर वापस भेजते थे, जिन्हें सेटिंग वाले अभ्यर्थियों तक पहुंचाया जाता था। कुछ केंद्रों पर यह काम सफल रहा, जबकि कई जगह प्रशासन की सतर्कता से इस तरह की कोशिशों को पकड़ लिया गया। यह भी सामने आया है कि इस कंपनी को पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, फिर भी इसे काम दिया गया।

बायोमेट्रिक एजेंसी को काली सूची में डाल दिया गया

इस पूरे विवाद के बीच BPSC ने लोक स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा भी रद्द कर दी है और संबंधित बायोमेट्रिक एजेंसी को काली सूची में डाल दिया गया है। AEDO परीक्षा के लिए आवेदन पहले 27 अगस्त से 26 सितंबर 2025 तक लिए गए थे। बाद में 5 से 12 दिसंबर तक दोबारा आवेदन मांगे गए। परीक्षा पहले जनवरी में होनी थी, लेकिन टाल दी गई और फिर 14 से 21 अप्रैल के बीच आयोजित की गई। अब इस पूरी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।

जांच के लिए  SIT टीम

इस मामले की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई ने एक विशेष टीम (SIT) बनाई है। 18 अप्रैल को जांच शुरू हुई, 21 अप्रैल को BPSC से संबंधित एजेंसी की जानकारी मांगी गई, 25 अप्रैल को सभी मामलों को EOU ने अपने हाथ में लिया और 26 अप्रैल को अलग-अलग जिलों में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की गई। इस परीक्षा के लिए करीब 11 लाख अभ्यर्थियों ने 935 पदों के लिए आवेदन किया था। परीक्षा 9 पालियों में हुई थी, जिसे अब पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।

प्रश्न पत्र लीक होने का कोई ठोस सबूत नहीं

हालांकि BPSC का कहना है कि जांच में प्रश्न पत्र लीक होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। आयोग के अनुसार किसी भी प्रश्न पत्र के बाहर जाने की पुष्टि नहीं हुई है और सोशल मीडिया पर फैली खबरों से परीक्षा की छवि खराब करने की कोशिश की गई। आयोग ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने और ईमानदार अभ्यर्थियों के हित में परीक्षा रद्द की गई है। साथ ही कुछ केंद्रों पर ब्लूटूथ जैसे उपकरणों से नकल करने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और 32 अभ्यर्थियों को भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब आगे की परीक्षा जांच पूरी होने के बाद ही आयोजित की जाएगी।