बिहार में ग्रामीण सड़कों की सूरत बदलेगी, 12 हजार किमी सड़कों को अपग्रेड करेगी नीतीश सरकार, जानिए क्या है ऐप-बेस्ड सर्वे
App-based road survey in Bihar: बिहार सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में ग्रामीण सड़कों को चौड़ा करने के उद्देश्य से ऐप-आधारित ट्रांजिट वॉक सर्वे कराया जा रहा है, जिसे जनवरी के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। यह सर्वे उन सभी ग्रामीण सड़कों पर किया जा रहा है, जो अपने मेंटेनेंस पीरियड से बाहर हो चुकी हैं या जल्द बाहर होने वाली हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वर्ष 2026-27 तक मेंटेनेंस अवधि पूरी करने वाली सड़कों की संख्या बढ़कर 5,887 हो जाएगी। इसके तहत लगभग 11,942 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण, उन्नयन और नवीनीकरण का लक्ष्य तय किया गया है। ग्रामीण निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत अधिक ट्रैफिक वाली ग्रामीण सड़कों को चौड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल कई सड़कें 3.75 मीटर चौड़ी सिंगल-लेन हैं, जिन्हें बढ़ाकर लगभग 5.5 मीटर किया जाएगा। मंत्री के अनुसार, सर्वे का काम जनवरी के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
मंत्री चौधरी ने कहा कि ग्रामीण निर्माण विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विभाग अब तक राज्य में करीब 1.3 लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर चुका है। उन्होंने बताया कि 2024-25 और 2025-26 के दौरान बिहार रूरल रोड्स स्ट्रेंथनिंग एंड मैनेजमेंट स्कीम के तहत 30,955 किलोमीटर लंबी 18,166 सड़कों को मंजूरी दी गई। इनमें से टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 28,060 किलोमीटर लंबी 16,331 सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। शेष 1,835 सड़कों (2,905 किमी) के टेंडर चुनावी कारणों से देर से निपटे और अब अंतिम चरण में हैं।
प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 538.6 करोड़ रुपये की लागत से 494 किलोमीटर सड़कों और 195 पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत 2024-25 और 2025-26 में कुल 909 पुलों का काम शुरू किया गया, जिनमें से 670 पुलों के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं और निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष 239 पुलों के टेंडर प्रक्रिया में हैं।
ग्रामीण इलाकों में यातायात को सुगम बनाने और ब्लॉक, अनुमंडल, जिला मुख्यालय, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों से बेहतर संपर्क के लिए वैकल्पिक मार्ग और बाइपास भी बनाए जा रहे हैं। मंत्री ने बताया कि इस तरह की 65 योजनाओं को 356.4 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें से 13 योजनाओं पर निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि बाकी 52 योजनाएं टेंडर प्रक्रिया में हैं।