अख्तरूल इमान के घर एक-एक कर पहुंच रहे महागठबंधन के विधायक, तो जेडीयू नवरत्न भी लगे...क्या होने वाला है 

बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट के लिए रस्साकशी जारी है। एआईएमआईएम अध्यक्ष अख्तरूल इमान के घर महागठबंधन के विधायकों का जमावड़ा भविष्य की नई सियासी पटकथा की ओर इशारा कर रहा है।

अख्तरूल इमान के घर एक-एक कर पहुंच रहे महागठबंधन के विधायक, त

  • Patna - बिहार में एआईएमआईएम के दोनों हाथों में लड्डू है. अगले 5 साल तक सियासी तौर कई बाजी ऐसी होगी जिसे जीतने के लिए  एआईएमआईएम का साथ जरूरी होगा. एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान सह अमौर विधानसभा के विधायक अख्तरूल इमान बिहार की सियासत के सेंटर बन गए है. बिहार विधानसभा का बजट सत्र खत्म होने के बाद महागठबंधन के कई विधायक अख्तरूल इमान के घर पहुंचे.

    दरअसल हर दिन शाम में अख्तरूल इमान के पटना वाले घर में दावते-ए-इफ्तार हो रहा है. इसी कड़ी में अख्तरूल इमान के घर विधानसभा का बजट सत्र खत्म होने के बाद आईआईपी के प्रमुख सह सहरसा विधायक आईपी गुप्ता, फारबिसगंज के कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, रामगढ़ के बसपा विधायक सतीश कुमार पहुंचे. एक पंगत पर सबने मिलकर खाना खाया. इससे पहले जेडीयू के बड़े नेता अशफाक करीब, बिस्फी के आरजेडी विधायक आसिफ अहमद भी अख्तरूल इमान के घर पहुंचे थे. 

    भले ही दावते-ए-इफ्तार के बहाने ही सही महागठबंधन के विधायक लगातार शाम में अख्तरूल इमान के पास पहुंच रहे हैं. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि कहीं ये बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव का असर तो नहीं है. क्या महागठबंधन के नेता एक-एक कर अख्तरूल इमान को मनाने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरे एंगल से देखें तो अब तक महागठबंधन के वैसे विधायक ही अख्तरूल इमान के घर पर पहुंचे हैं. जिनकी जीत में पर्दे के पीछे एआईएमआईएम का हाथ है. सहरसा सीट, फारबिसगंज सीट पर एआईएमआईएम ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था. जबकि रामगढ़ सीट पर खुले तौर पर एआईएमआईएम ने बसपा के सतीश कुमार को समर्थन दिया था. 

    गौरतलब है कि बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही है. 5 में से 4 सीट पर एनडीए के उम्मीदवार राज्यसभा जाएंगे. आखिरी 1 सीट पर पेंच फंसा हुआ है. बसपा और एआईएमआईएम के सपोर्ट के बिना महागठबंधन अपना उम्मीदवार राज्यसभा नहीं भेज सकती है. पर बसपा का स्टैंड ये है कि वो किसे वोट करेंगे ये अभी तय नहीं है. एआईएमआईएम ने एलान किया है कि अख्तरूल इमान राज्यसभा के उम्मीदवार होंगे और तेजस्वी से मांग भी उन्होंने की है कि वो सपोर्ट अख्तरूल इमान को करें. तो आरजेडी ने भी एलान किया वो 5 वीं सीट के लिए उम्मीदवार देंगे तो दूसरी तरफ जेडीयू वाले भी लग गए हैं 5 वे सीट पर उम्मीदवार उतारा जाए. कुल मिलाकर कहें, तो इस एक सीट पर पेंच फंसा हुआ है. ये पेंच तभी निकलेगा जब अख्तरूल इमान चाहेंगे. सो महागठबंधन के नेता एक-एक लगातार अख्तरूल इमान से संवाद कर रहे हैं.


  • Report - Devansu Kishor Prabhat