Bihar ragging: बिहार में रैगिंग का बढ़ता खतरा, देश में दूसरे पायदान पर पहुंचा सूबा, 2022 के मुकाबले ढाई गुना बढ़े मामले

Bihar ragging: बिहार रैगिंग के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।...

Bihar Ranks 2nd in India for College Ragging Cases
बिहार में रैगिंग का बढ़ता खतरा- फोटो : social Media

Bihar ragging: देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार रैगिंग के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं, जबकि मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है।

शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में बिहार के उच्च शिक्षण संस्थानों से रैगिंग के 122 मामले दर्ज किए गए। वहीं उत्तर प्रदेश में 251 और मध्य प्रदेश में 117 मामले सामने आए। इससे पहले 2023 में बिहार में 83, उत्तर प्रदेश में 188 और मध्य प्रदेश में 87 मामले दर्ज किए गए थे।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि बिहार में रैगिंग की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 2022 में जहां केवल 54 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 122 हो गई, यानी करीब ढाई गुना वृद्धि। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 22 जुलाई 2025 तक ही बिहार में 50 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि इस वर्ष भी संख्या बढ़ सकती है।वर्ष 2022 में पटना के एक प्रतिष्ठित महिला कॉलेज में रैगिंग का मामला काफी चर्चा में रहा था। इसके बाद भी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है।

इधर, बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां तेज हैं। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एंटी रैगिंग समिति का गठन अनिवार्य किया गया है। नए छात्रों से एंटी रैगिंग शपथ पत्र भी भरवाया जा रहा है, जिस पर अभिभावकों के हस्ताक्षर भी आवश्यक हैं।रैगिंग की शिकायत दर्ज कराने के लिए छात्र राष्ट्रीय एंटी रैगिंग हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1800-180-5522 पर 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं।  सरकार और यूजीसी ने संस्थानों को रैगिंग के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।