Bihar Politics:छात्रों के पुलिस से भिड़ंत पर श्याम रजक का बड़ा आरोप, बोले- सियासी रोटी सेंक रहे कुछ लोग
Bihar Politics:श्याम रजक ने कहा कि छात्रों का आंदोलन क्यों उग्र हो रहा है, इसके कारणों का पता लगाना जरूरी है।
Bihar Politics: बिहार में छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं और कई जगहों पर प्रदर्शन के दौरान हंगामा और टकराव की स्थिति बन रही है। हालात इतने तनावपूर्ण हो रहे हैं कि पुलिस के साथ भी झड़प की स्थिति सामने आ रही है। ऐसे में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर छात्रों का आंदोलन लगातार आक्रामक क्यों होता जा रहा है और इसके पीछे कौन से कारण काम कर रहे हैं?
इसी मुद्दे पर जेडीयू विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन क्यों उग्र हो रहा है, इसके कारणों का पता लगाना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार संवेदनशील है और लगातार उनकी समस्याओं पर काम कर रही है।
श्याम रजक ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को सुन रही है और उनके समाधान की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने रखना चाहिए।पूर्व मंत्री ने आंदोलन के पीछे कुछ लोगों की भूमिका का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग छात्रों को भड़काने का काम कर रहे हैं और छात्र आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश में जुटे हैं। उनका आरोप है कि ऐसे लोग छात्रों के मुद्दे के बहाने अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं।
श्याम रजक ने दावा किया कि इस तरह की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर गंभीर है और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए काम कर रही है। ऐसे में छात्रों को किसी के बहकावे में आने के बजाय अपनी वास्तविक मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ना चाहिए।छात्र आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की घटनाएं राजनीतिक बहस का मुद्दा बन रही हैं। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बातचीत के जरिए समस्याओं के समाधान की बात कर रही है।
श्याम रजक के बयान से साफ है कि जेडीयू आंदोलन को केवल छात्रों की नाराजगी के रूप में नहीं देख रही, बल्कि इसके पीछे कथित राजनीतिक हस्तक्षेप की संभावना भी जता रही है। हालांकि, छात्रों को भड़काने के आरोपों के संबंध में उन्होंने किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं लिया है।फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि छात्रों की वास्तविक मांगें क्या हैं, उनका समाधान कितनी जल्दी निकलता है और आंदोलन को शांत कराने के लिए सरकार छात्रों से किस स्तर पर संवाद करती है। अगर सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत का रास्ता खुलता है तो टकराव की स्थिति को टाला जा सकता है। वहीं, आंदोलन में हिंसा या पुलिस से भिड़ंत की स्थिति आगे बढ़ती है तो मामला कानून-व्यवस्था के लिहाज से और गंभीर हो सकता है।
रिपोर्ट- अभिजीत सिंह