Bihar Politics:फरक्का संधि पर सियासी संग्राम, संजय झा का राजद पर वार, बोले- 1996 में किसकी सरकार थी, पहले इतिहास देखिए

Bihar Politics:फरक्का संधि को लेकर बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। ..

Sanjay Jha
फरक्का संधि पर सियासी संग्राम- फोटो : reporter

Bihar Politics:फरक्का संधि को लेकर बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने राष्ट्रीय जनता दल पर तीखा हमला बोलते हुए 1996 के फरक्का समझौते को लेकर सीधे सवाल दाग दिए। उन्होंने कहा कि आज आरजेडी के नेता इस मुद्दे पर प्रवचन दे रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि वर्ष 1996 में बिहार में किसकी सरकार थी और उस समय मुख्यमंत्री कौन थे।संजय झा ने कहा कि फरक्का संधि को लेकर आज सवाल उठाने से पहले उस दौर का इतिहास देखना चाहिए। उनके मुताबिक 1996 में 30 साल के लिए समझौता किया गया था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय किसकी सरकार थी और किस मुख्यमंत्री ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, यह भी सार्वजनिक रूप से बताया जाना चाहिए।

जेडीयू नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी फरक्का संधि के मौजूदा स्वरूप के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से भी इस समझौते को आगे नहीं बढ़ाने की बात कही गई है। संजय झा का आरोप है कि फरक्का संधि से बिहार का अहित हुआ है। उन्होंने आरजेडी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आज इस मुद्दे पर केवल प्रवचन देने से कुछ हासिल नहीं होने वाला।वहीं बिहार में छात्रों के आंदोलन के उग्र होने और लगातार प्रदर्शन किए जाने को लेकर भी संजय झा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों की अपनी समस्याएं हैं और सरकार उन समस्याओं को सुन रही है। सरकार उनकी मांगों पर विचार करेगी और समय आने पर उचित फैसला लिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन इससे सरकार के कामकाज पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण को लेकर भी संजय झा ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार महिलाओं के लिए तीन बड़े तोहफे देने जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए नीतीश कुमार के कार्यकाल में किए गए काम का इतिहास लिखा जाएगा और मौजूदा सरकार भी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक महिलाओं को मिलने वाला यह नया तोहफा निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण कदम है।

तेजस्वी यादव के सरकार पर लाठीचार्ज और ‘लाठी मार सरकार’ जैसे आरोपों पर भी संजय झा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों के मुद्दे पर सरकार कुछ नहीं बोले तो विपक्ष सवाल उठाएगा और जब सरकार उनकी समस्याओं को सुन रही है, तब भी आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि छात्र आंदोलन को लेकर सरकार बातचीत और समाधान के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।

फरक्का संधि, छात्र आंदोलन और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर संजय झा के बयान ने बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का नया मोर्चा खोल दिया है। अब देखना होगा कि फरक्का समझौते के मुद्दे पर आरजेडी इस हमले का क्या जवाब देता है।

रिपोर्ट- अभिजीत सिंह