Bihar Teacher News: नियोजित शिक्षकों के लिए TET परीक्षा अनिवार्य, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश

बिहार शिक्षा विभाग ने नियोजित शिक्षकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।सत्र 2015-17 और 2017-18 के प्रशिक्षित शिक्षकों को अब प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ तभी मिलेगा जब वे TET परीक्षा पास करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने इसका

Bihar Teacher News: नियोजित शिक्षकों के लिए TET परीक्षा अनिव
नियोजित शिक्षकों के लिए TET परीक्षा अनिवार्य- फोटो : Reporter

बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार, सत्र 2015-17 और 2017-18 में प्रशिक्षण (Training) प्राप्त करने वाले शिक्षकों को अब प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ तभी दिया जाएगा, जब वे शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करेंगे। शिक्षा विभाग के इस कड़े रुख के बाद राज्यभर के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों सहित हजारों शिक्षकों के बीच चर्चा और चिंता का माहौल तेज हो गया है।


सिर्फ ट्रेनिंग काफी नहीं, प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया आदेश

विभाग ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि अब केवल डीएलएड (D.El.Ed) या अन्य कोई शैक्षणिक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेना प्रशिक्षित वेतनमान पाने के लिए काफी नहीं होगा। इसके लिए TET उत्तीर्ण होना एक अनिवार्य शर्त बना दी गई है। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही सूबे के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में सरकार ने उठाया कदम

शिक्षा विभाग का यह बड़ा निर्णय माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक अहम आदेश के बाद सामने आया है। दरअसल, राज्य सरकार एवं अन्य बनाम मनोज कुमार एवं अन्य के मामले में 16 जनवरी 2026 को अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। उसी न्यायिक आदेश का अनुपालन करते हुए अब बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने नियमों में बदलाव किया है और प्रशिक्षित वेतनमान के लाभ को सीधे तौर पर TET योग्यता से जोड़ दिया है।


रिलीविंग डेट से लाभ के लिए परीक्षा पास करना जरूरी

नए नियम के लागू होने के बाद, सत्र 2015-17 और 2017-18 के प्रशिक्षित शिक्षकों को उनकी विरमन तिथि (रिलीविंग डेट) से प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ उसी स्थिति में मिलेगा जब उनके पास TET पास होने का प्रमाणपत्र होगा। विभाग का तर्क है कि इस कदम से न केवल वित्तीय पारदर्शिता आएगी, बल्कि स्कूली शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और सुधार को और अधिक मजबूती मिलेगी।


गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर, बुनियादी योग्यता की होगी जांच

शिक्षा विभाग का मानना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए योग्य और पूरी तरह पात्र शिक्षकों का होना बेहद जरूरी है। विभाग के अनुसार, TET परीक्षा शिक्षकों की बुनियादी विषय ज्ञान और शिक्षण कला को जांचने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी वजह से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ देने से पहले इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य किया गया है।


हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा सीधा असर, शिक्षक संगठनों में बढ़ी हलचल

इस नए आदेश के जारी होते ही राज्य के हजारों नियोजित शिक्षकों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है—विशेषकर उन शिक्षकों के लिए जिन्होंने अपनी ट्रेनिंग तो पूरी कर ली है लेकिन अब तक TET परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। इस फैसले के बाद शिक्षक संगठनों में भी भारी नाराजगी और हलचल देखी जा रही है। कई संगठनों ने वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर इस तरह की नई शर्त लागू करने को उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।