Bihar Education News: अब बदलेगी बिहार की यूनिवर्सिटी की व्यवस्था, नया कानून लाएगी सरकार, डिग्री में देरी होगी खत्म, 211 कॉलेजों में होगी शिक्षकों की भर्ती

Bihar Education News: विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों को समय पर डिग्री उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार नया विश्वविद्यालय कानून लाने जा रही है।

Bihar to Revamp Universities with New Law Faster Degrees Hir
बदलेगी बिहार की यूनिवर्सिटी की व्यवस्था- फोटो : social Media

Bihar Education News: बिहार में उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई रफ्तार और नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों को समय पर डिग्री उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार नया विश्वविद्यालय कानून लाने जा रही है। यह नया अधिनियम देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य राज्यों की बेहतरीन व्यवस्थाओं को आधार बनाकर तैयार किया जाएगा।

पटना स्थित लोक भवन में शुक्रवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस पर सहमति बनी। करीब एक घंटे चली बैठक में पठन-पाठन, नामांकन, शिक्षकों की नियुक्ति, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक सुधार और डिजिटल व्यवस्था सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि सरकार ऐसी उच्च शिक्षा व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे बिहार के विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। वहीं राज्यपाल सय्यद अता हसनैन ने सभी विश्वविद्यालयों में 31 दिसंबर तक 'समर्थ पोर्टल' के 26 मॉड्यूल पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए, ताकि विश्वविद्यालयों का प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और डिजिटल बन सके।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य में हाल ही में खोले गए 211 नए डिग्री कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की संविदा पर केंद्रीकृत भर्ती की जाएगी। इसके अलावा वर्षों से लंबित छात्रों की डिग्रियों का वितरण मिशन मोड में किया जाएगा और 30 सितंबर तक सभी लंबित डिग्रियां जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है।

प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं पदोन्नति की समय-सीमा भी निर्धारित की जाएगी। सामान्य तबादले केवल जून महीने में होंगे, जबकि विशेष परिस्थितियों में ही कुलाधिपति की पूर्व स्वीकृति से स्थानांतरण किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि नया विश्वविद्यालय कानून, डिजिटल सुधार, समयबद्ध डिग्री वितरण और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाएगी और राज्य के विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।