बिहार परिवहन विभाग में अनुकंपा पर नियुक्ति:मृतक सिपाही के भाई बने कनीय सचिवालय सहायक

बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने मानवीय संवेदना और नियमों के तहत दिवंगत सिपाही स्व० कंचन कुमारी के भाई प्रकाश कुमार को अनुकंपा के आधार पर 'कनीय सचिवालय सहायक' (लेवल-2) के पद पर नियुक्त किया है।नियुक्ति के साथ परिवार के भरण-पोषण की शर्त अनिवार्य रखी गई

Bihar Anukampa Niyukti
मृतक सिपाही के भाई बने कनीय सचिवालय सहायक- फोटो : news 4 nation AI

बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने मानवीय संवेदना और प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए अनुकंपा के आधार पर एक महत्वपूर्ण नियुक्ति आदेश जारी किया है। जिला परिवहन कार्यालय, पटना में पदस्थापित स्व० कंचन कुमारी (तत्कालीन चलन्त दस्ता सिपाही) के 18 दिसंबर 2023 को हुए असामायिक निधन के बाद उनके आश्रित छोटे भाई प्रकाश कुमार को सेवा में समायोजित किया गया है। प्रकाश कुमार ने नियुक्ति के लिए 29 जुलाई 2024 को आवेदन समर्पित किया था।


केन्द्रीय अनुकंपा समिति की अनुशंसा

सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार (पटना) के अधीन गठित केन्द्रीय अनुकंपा समिति की बैठक (दिनांक 29.07.2026) में प्रकाश कुमार के आवेदन पर विचार किया गया। समिति की कार्यवाही (ज्ञाप सं०-13866, क्रम सं०-02) के तहत उन्हें अनुकंपा के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्त करने की औपचारिक अनुशंसा की गई। इस अनुशंसा के आधार पर विभाग ने उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

कनीय सचिवालय सहायक पद पर तैनाती 

बिहार सचिवालय लिपकीय सेवा नियमावली, 2006 एवं संशोधन नियमावली, 2026 के प्रावधानों के तहत प्रकाश कुमार को परिवहन विभाग (मुख्यालय) में कनीय सचिवालय सहायक के पद पर नियुक्त किया गया है। मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी प्रखंड (ग्राम- चक मोहब्बत) के निवासी प्रकाश कुमार को अपुनरीक्षित वेतनमान 5200–20200, ग्रेड पे–1900 (पुनरीक्षित वेतनमान, लेवल–2) तथा समय-समय पर देय भत्तों के साथ अस्थायी रूप से पदस्थापित किया गया है।


नियुक्ति की शर्तें और सत्यापन की बाध्यता

विभाग ने इस नियुक्ति के साथ कुछ कड़ी शर्तें भी लागू की हैं। अभ्यर्थी द्वारा जमा किए गए शैक्षणिक व अन्य प्रमाण-पत्रों के भविष्य में सत्यापन के दौरान यदि कोई जानकारी गलत पाई जाती है, तो बिना पूर्व सूचना के सेवा समाप्त कर दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई होगी। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी को नई अंशदायी पेंशन योजना (NPS) का लाभ मिलेगा और उन्हें नियुक्ति पत्र निर्गत होने के 15 दिनों के भीतर परिवहन विभाग (मुख्यालय) में योगदान देना अनिवार्य होगा।


परिवार के भरण-पोषण की नैतिक जिम्मेदारी 

आदेश की सबसे महत्वपूर्ण शर्त मृतक कर्मी के परिजनों के आर्थिक संरक्षण से जुड़ी है। नियमानुसार प्रकाश कुमार पर स्व० कंचन कुमारी के आश्रित परिजनों के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी होगी। यदि वे इस सामाजिक और नैतिक दायित्व का निर्वहन करने में विफल रहते हैं या परिजनों की उपेक्षा करते हैं, तो उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।

पटना से धीरज पराशर की रिपोर्ट