बिहार में मौसम का फिर पलटा मिजाज, 19 जिलों में वज्रपात-बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं से बढ़ी आफत की आशंका
Bihar Weather: बिहार में मॉनसून की चाल एक बार फिर बदल गई है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों में वज्रपात, मेघ गर्जन और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। ...
Bihar Weather: बिहार में मॉनसून की चाल एक बार फिर बदल गई है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों में वज्रपात, मेघ गर्जन और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 20 अगस्त को उत्तर-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में मौसम के करवट लेने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के इस अलर्ट के बाद लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ताजा मौसम विज्ञप्ति के मुताबिक 20 अगस्त को बिहार के कई जिलों में आकाशीय गतिविधियां तेज रह सकती हैं। उत्तर-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं। वहीं उत्तर-मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यानी अगले कुछ घंटे कई इलाकों में मौसम का मिजाज अचानक बिगाड़ सकता है।
उत्तर बिहार के कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर में खराब मौसम की आशंका जताई गई है। इसके अलावा वैशाली, खगड़िया, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और लखीसराय समेत सीमांचल के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भी मौसम के तेवर तल्ख रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने तापमान को लेकर भी अहम पूर्वानुमान जारी किया है। अगले 24 घंटों के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। तापमान बढ़ने के साथ उमस लोगों की मुश्किल बढ़ा सकती है। हालांकि अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
यानी बिहार में एक तरफ बारिश और वज्रपात का खतरा मंडरा रहा है, तो दूसरी तरफ बारिश के बाद बढ़ने वाली गर्मी और उमस भी लोगों को बेहाल कर सकती है। मौसम का यह बदला मिजाज आने वाले दिनों में भी मॉनसून की सक्रियता के संकेत दे रहा है। प्रशासन और आम लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन इलाकों में गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले मैदान, खेत, पेड़ या बिजली के खंभों के आसपास खड़े रहने से बचने की जरूरत है। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से भी परहेज करना बेहतर होगा। खासकर ग्रामीण इलाकों में किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए अतिरिक्त एहतियात बरतनी चाहिए।