Bihar Weather: मानसून की विदाई से पहले बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, इन 9 जिलों में झमाझम बारिश के आसार

Bihar Weather: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का वक्त करीब आ गया है, लेकिन उससे पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। ...

Bihar Weather Rain Likely Before Monsoon Withdrawal
बदलेगा मौसम का मिजाज- फोटो : social Media

Bihar Weather: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का वक्त करीब आ गया है, लेकिन उससे पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को राज्य के 9 जिलों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश की संभावना जताई है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में भी छिटपुट बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है।

बीते 24 घंटे में भी पटना, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सुपौल और बांका में बारिश दर्ज की गई। खगड़िया में आसमान में बादलों का डेरा रहा। वहीं, बांका के बाराहाट थाना क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। इससे बारिश के साथ आकाशीय बिजली को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत बढ़ गई है।

इस बीच बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसमी सिस्टम बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव ला सकता है। मौसम विभाग के आकलन के मुताबिक 21 सितंबर को पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन बनने की संभावना है। इसके बाद 22 सितंबर तक यह पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन का रूप ले सकता है। 23 सितंबर की सुबह तक इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के करीब पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से बिहार और पूर्वी भारत की ओर बड़े पैमाने पर नमी का प्रवाह हो सकता है।

बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, इस मौसमी सिस्टम के असर से 23 सितंबर से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। 23 से 25 सितंबर के बीच गरज-चमक, तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। खास तौर पर 24 और 25 सितंबर को भागलपुर और आसपास के इलाकों में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश इस मानसून सीजन की आखिरी व्यापक बारिश साबित हो सकती है। 26 सितंबर के बाद सिस्टम का असर कमजोर पड़ने पर नमी घटेगी और पछुआ हवाओं का प्रभाव बढ़ने लगेगा। सामान्य कैलेंडर के अनुसार 30 सितंबर के आसपास बिहार से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।