बिहार में ई-गवर्नेंस का डंका: बिपार्ड को मिला ISO सर्टिफिकेट, ग्राम स्तर पर मिल रहीं 64 से अधिक सुविधाएं

डॉ. बी. राजेन्दर ने बताया कि 2010 में प्रारंभ की गई 'जिज्ञासा' केंद्रीय हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 14403) के माध्यम से अब तक 7.92 लाख से अधिक नागरिकों को जानकारी उपलब्ध कराई गई है. बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत 2016 में प्रारंभ किए गए

Bipad receives ISO certification providing over 64 facilitie
बिपार्ड को मिला ISO सर्टिफिकेट, ग्राम स्तर पर मिल रहीं 64 से अधिक सुविधाएं- फोटो : news 4 nation

बिहार के प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को वैश्विक पहचान मिली है। अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने जानकारी दी कि राज्य सरकार और बिपार्ड को 21 जनवरी 2026 को ISO 9001:2015 प्रमाणन प्रदान किया गया है। यह सर्टिफिकेट अगले तीन वर्षों के लिए प्रभावी होगा, जो बिहार की विभागीय कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, मानकीकरण और बेहतर गवर्नेंस की पुष्टि करता है।


लोक सेवाओं का अधिकार: 51 करोड़ से अधिक आवेदनों का निष्पादन

बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (RTPS) 2011 के तहत राज्य में डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। वर्तमान में 14 विभागों की 153 प्रकार की सेवाएं, जिनमें जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र और राशन कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं, नागरिकों को सीधे उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक राज्य में रिकॉर्ड 51.13 करोड़ से अधिक आवेदनों का सफल निष्पादन किया जा चुका है, जो राज्य की ई-गवर्नेंस की सफलता को दर्शाता है।

ग्राम स्तर पर पहुंचीं सरकारी सुविधाएं

प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जुलाई 2025 से 64 से अधिक सेवाएं सीधे ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। पंचायत सरकार भवनों में स्थापित लोक सेवा केंद्रों के कारण अब नागरिकों को छोटे कार्यों के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। इसके साथ ही, 'जिज्ञासा' हेल्पलाइन और 'समाधान' कॉल सेंटर के माध्यम से अब तक लाखों नागरिक अपनी शिकायतों और जानकारी का लाभ उठा चुके हैं।

शिकायत निवारण और रोजगार के नए आंकड़े

लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के माध्यम से 45 विभागों की 514 योजनाओं में समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया है, जिसके तहत 18.57 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा हुआ है। रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े आंकड़े पेश किए हैं। 1 अप्रैल 2020 से फरवरी 2026 के बीच 9.84 लाख से अधिक लोगों को सरकारी क्षेत्र में (नियमित, संविदा और बाह्य स्रोत) रोजगार प्रदान किया गया है।

भविष्य की योजनाएं: मुख्यमंत्री फेलोशिप और डिजिटलीकरण

राज्य सरकार ने प्रशासन में विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना' को मंजूरी दी है, जिसके लिए IIM बोधगया के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत 121 विशेषज्ञों का चयन किया जाएगा। साथ ही, मानव संसाधन प्रशासन का पूर्ण डिजिटलीकरण करते हुए 8 लाख सरकारी कर्मियों के सेवा और वेतन प्रबंधन को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे भविष्य में प्रशासनिक कार्यों में और अधिक गति आने की उम्मीद है।