डुमराँव में गूँजेगी संगीत की स्वरलहरियाँ: भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ के नाम पर बनेगा भव्य संगीत महाविद्यालय, स्वीकृत राशि में छह गुना हुई बढ़ोतरी
बिहार सरकार ने संगीत और कला के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए बक्सर जिले के डुमराँव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ के नाम पर एक भव्य संगीत महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है
Patna - उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार ने बक्सर जिले के डुमराँव में 'उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ संगीत महाविद्यालय' की स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह महाविद्यालय महान शहनाई वादक और भारत रत्न से सम्मानित उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ की विरासत को सहेजने और युवाओं को संगीत की शिक्षा देने का प्रमुख केंद्र बनेगा।
पुरानी योजना रद्द कर नए सिरे से मिली स्वीकृति
इससे पहले, फरवरी 2025 में इस महाविद्यालय के लिए एक छोटी योजना स्वीकृत की गई थी। हालांकि, सरकार ने अब उस पुरानी स्वीकृति को रद्द कर दिया है और राज्य स्कीम के अंतर्गत एक अधिक व्यापक और आधुनिक योजना को मंजूरी दी है। नए निर्णय के साथ अब इस संस्थान का निर्माण काफी बड़े स्तर पर किया जाएगा।
अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे का होगा निर्माण
इस स्वीकृत योजना के तहत महाविद्यालय परिसर में केवल शैक्षणिक भवन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी:
- महाविद्यालय के विभिन्न मुख्य भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाएगा।
- पूरे परिसर और कमरों को आवश्यक फर्नीचर के साथ सुसज्जित किया जाएगा।
- परिसर के भीतर आंतरिक सड़कों (आंतरिक पथ) का जाल बिछाया जाएगा।
- सुरक्षा और घेराबंदी के लिए चारों ओर मजबूत चाहरदीवारी का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
कला और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ की जन्मस्थली डुमराँव में इस स्तर के संस्थान के बनने से न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में बिहार की पहचान भी मजबूत होगी। सरकार का उद्देश्य इस महाविद्यालय के माध्यम से संगीत की लुप्त होती विधाओं को पुनर्जीवित करना और उन्हें अकादमिक रूप से सशक्त बनाना है।