Bihar Election Updates: जदयू से निष्कासित पूर्व प्रदेश महासचिव को पुलिस ने किया डिटेन, छोटू सिंह बोले- काम से निकला था, तभी उठा लिया
हार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान के दौरान मोकामा में समर्थकों के बीच हुई धक्का-मुक्की और छोटू सिंह को डिटेन किए जाने की घटना ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
Bihar Election Updates:बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान के बीच मोकामा का सियासी माहौल गरमा गया है। इसी बीच जदयू से निष्कासित पूर्व प्रदेश महासचिव छोटू सिंह को पुलिस ने डिटेन कर लिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर छोटू सिंह यह कहते नजर आ रहे हैं कि वह किसी काम से घर से बाहर निकले थे, तभी बिहार एसटीएफ ने उन्हें उठा लिया। उन्हें किस मामले में और किन परिस्थितियों में डिटेन किया गया, इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
छह साल के लिए जदयू से निष्कासित हुए थे छोटू सिंह
बता दें छोटू सिंह जदयू के प्रदेश महासचिव रह चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जुलाई 2026 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। उस समय पार्टी की ओर से कार्रवाई के पीछे पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को वजह बताया गया था।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने के बाद छोटू सिंह की नाराजगी बढ़ गई थी। जदयू के वरिष्ठ नेता संजय झा के साथ उनकी बहस की चर्चा भी सामने आई थी। अब ताजा घटनाक्रम और उनके बयानों के बाद पार्टी के भीतर मतभेदों को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है।
संजय झा और ललन सर्राफ पर लगाए गंभीर आरोप
जदयू से निष्कासित छोटू सिंह ने विधान पार्षद संजय गांधी और ललन सर्राफ पर भी आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अस्वस्थता का फायदा उठाकर ये नेता अपने परिवारों को लाभ पहुंचाने में लगे हैं। ये आरोप छोटू सिंह के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।इससे पहले पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान छोटू सिंह ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा को भी निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि संजय झा केंद्र सरकार में मंत्री बनना चाहते हैं और इसके लिए जदयू कोटे से केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की जगह लेने की कोशिश कर रहे हैं।
छोटू सिंह ने यह भी दावा किया था कि संजय झा ने नीतीश कुमार को चुनाव में हराने और उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए प्रयास किए थे। उन्होंने संजय झा की चुनावी क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि नीतीश कुमार का समर्थन नहीं रहने पर उनकी राजनीतिक हैसियत कमजोर पड़ जाएगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि संजय झा पार्टी को कमजोर कर रहे हैं।
MLC चुनाव के बीच घटनाक्रम ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान के दौरान मोकामा में समर्थकों के बीच हुई धक्का-मुक्की और छोटू सिंह को डिटेन किए जाने की घटना ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। एक ओर मतदान की प्रक्रिया जारी है, दूसरी ओर जदयू के अंदरूनी विवाद और नेताओं पर लगाए गए आरोप भी चर्चा में हैं।
अब इस मामले में पुलिस की आधिकारिक जानकारी और वायरल वीडियो की पुष्टि अहम होगी। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि छोटू सिंह को किस आधार पर हिरासत में लिया गया और मोकामा में हुए घटनाक्रम से उनका क्या संबंध है।
रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह