Bihar Congress: पप्पू यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ सदाकत आश्रम में प्रदर्शन, सड़क पर उतरी कांग्रेस, पटना पुलिस अलर्ट
बिहार कांग्रेस उनकी गिरफ्तारी के विरोध में बड़ा प्रदर्शन कर रही है, जिससे सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं।
Bihar Congress: पटना की सियासत एक बार फिर उबाल पर है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर उनके समर्थकों और विपक्षी खेमे में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खुलकर पप्पू यादव के साथ खड़े हो गए हैं। इसी कड़ी में आज बिहार कांग्रेस उनकी गिरफ्तारी के विरोध में बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है, जिससे सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पप्पू यादव पर कार्रवाई ऐसे वक्त में की गई है, जब पटना में NEET की एक छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या का मामला सियासी तूफान बन चुका है। पप्पू यादव इस केस को लेकर सरकार और प्रशासन पर लगातार हमलावर थे और यही उनकी गिरफ्तारी की असली वजह बताई जा रही है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि NEET की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध मौत और उसके बाद की कार्रवाई ने सिस्टम के गहरे षड्यंत्र को उजागर कर दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच की मांग करने वालों को प्रताड़ित किया जा रहा है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है यही भाजपा-NDA का मॉडल है।

शुक्रवार देर रात पटना के मंदिरी स्थित आवास से 31 साल पुराने एक मामले में पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए। गिरफ्तारी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। कुछ देर बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। उस वक्त पप्पू यादव का यह कहना “मुझे नहीं पता मेरा क्या होगा” सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
शनिवार देर रात उन्हें बेऊर जेल लाया गया, जहां एंट्री के बाद इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया। बताया जा रहा है कि 2 फरवरी को इस पुराने केस में कुर्की-जब्ती का वारंट जारी किया गया था। वहीं गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आरा समेत कई इलाकों में प्रदर्शन हुए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका गया।
अब सवाल यह है कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी महज़ कानूनी कार्रवाई है या फिर सियासी असहमति को दबाने की कोशिश? आज होने वाला प्रदर्शन इस सवाल को और बुलंद करेगा, और बिहार की राजनीति में एक नई लकीर खींचने का काम करेगा।