मिथिला के लिए ऐतिहासिक जीत: CTET में शामिल होगी मैथिली भाषा, अब देश भर के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकेंगे मैथिली भाषी

अगले सत्र से केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में मैथिली भाषा को शामिल किया जाएगा। सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। इससे देश भर के सरकारी स्कूलों में मैथिली शिक्षकों के लिए रोजगार के बड़े अ

मिथिला के लिए ऐतिहासिक जीत: CTET में शामिल होगी मैथिली भाषा,

Patna - मिथिलांचल के युवाओं और मैथिली भाषा प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर है। अब केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में अगले सत्र से मैथिली भाषा को भी शामिल किया जाएगा। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद मैथिली भाषा के माध्यम से देश भर के किसी भी सरकारी विद्यालय में शिक्षक बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। भाजपा सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी कर यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

सांसद और केंद्रीय मंत्री के बीच हुई उच्च स्तरीय चर्चा

सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने मंगलवार को संसद भवन में केंद्रीय कौशल विकास उद्यमिता एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कक्षा 6 से 10वीं तक की पढ़ाई मैथिली में शुरू करने और CTET में इस भाषा को स्थान देने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। सांसद ने इस संबंध में एक आग्रह पत्र भी सौंपा, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द पहल करने का भरोसा दिया है।

कक्षा 6 से 10वीं तक मैथिली में मिलेंगी पाठ्य पुस्तकें

सांसद के अनुसार, केंद्रीय राज्य मंत्री चौधरी ने जानकारी दी है कि मैथिलीभाषी क्षेत्रों के विद्यालयों में कक्षा 6 से 10वीं तक की पढ़ाई मैथिली भाषा में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही, विद्यार्थियों के लिए इस भाषा में उच्च गुणवत्ता वाली पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार कदम उठा रही है। डॉ. ठाकुर ने इस संवेदनशीलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार जताया है।

कौशल विकास और ट्रेनिंग से जुड़ेंगे युवा

मुलाकात के दौरान केवल भाषा ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी अन्य योजनाओं पर भी बात हुई। सांसद ने मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थ केयर और 'नेशनल अप्रेंटिस प्रमोशन स्कीम' के तहत युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से मैथिली को सम्मान दिलाने के लिए प्रयासरत थे और पांच बार विभागीय मंत्रियों को पत्र लिखने के साथ-साथ लोकसभा में भी यह मुद्दा उठा चुके थे।