पटना शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से राजद ने तय किया उम्मीदवार! तेजस्वी यादव का इन पर भरोसा
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में आम विधानसभा चुनाव से अलग मतदाता वर्ग होता है। ऐसे में इन सीटों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने की तैयारी में जुट गए हैं।
Bihar MLC Election : बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर अगले कुछ सप्ताह में चुनाव होने वाला है। इनमें 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और 4 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर मौजूदा विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। माना जा रहा है कि चुनाव की प्रक्रिया को लेकर सितंबर में घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों ने इन सीटों पर अपनी तैयारियां तेज करनी शुरू कर दी हैं। विशेषकर राजद की ओर से पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए इस बार खास रणनीति के तहत उम्मीदवारों का चयन किया गया है। पटना शिक्षक निवार्चन क्षेत्र से डॉ संजीव कुमार और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दिलीप पटेल को राजद की ओर से समर्थन मिला है।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में आम विधानसभा चुनाव से अलग मतदाता वर्ग होता है। ऐसे में इन सीटों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने की तैयारी में जुट गए हैं।
4 शिक्षक और 4 स्नातक सीटों पर मुकाबला
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों में पटना से भाजपा के प्रो. नवल किशोर यादव, दरभंगा से कांग्रेस के डॉ. मदनमोहन झा, सारण से निर्दलीय आफाक अहमद और तिरहुत से भाकपा के संजय कुमार सिंह मौजूदा विधान पार्षद हैं। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों में पटना से जदयू के नीरज कुमार, दरभंगा से निर्दलीय सर्वेश कुमार, कोसी से भाजपा के एनके यादव और तिरहुत से निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी वर्तमान में विधान परिषद सदस्य हैं।
किस दल के पास कितनी सीटें?
आठ सीटों के मौजूदा समीकरण में तीन सीटों पर निर्दलीय, दो पर भाजपा और एक-एक सीट पर जदयू, कांग्रेस तथा भाकपा का कब्जा है। ऐसे में आगामी चुनाव में दलों के लिए अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों को बचाने के साथ-साथ निर्दलीय सदस्यों की सीटों पर सेंध लगाने की चुनौती होगी।
शिक्षक और स्नातक मतदाताओं पर नजर
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक मतदाता पटना में 16,689 हैं। सारण में 10,800, तिरहुत में 9,204 और दरभंगा में 8,967 मतदाता हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। तिरहुत में करीब 1.35 लाख, कोसी में 1.34 लाख, दरभंगा में 1.27 लाख और पटना में करीब 88 हजार मतदाता हैं।
कार्यकाल समाप्त होने में कुछ ही महीने बाकी रहने के साथ इन सीटों पर दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। चुनाव की घोषणा के बाद शिक्षक और स्नातक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला और तेज हो सकता है।
रंजन की रिपोर्ट