Bihar Land: डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा हुए फायर, इतने तारीख तक निपटाए जाएं लंबित जमीन के मामले, नहीं तो कार्रवाई तय , CO और अधिकारी हो जाएं सतर्क

Bihar Land:जमीन और राजस्व मामलों को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है।

Dy CM Vijay Kumar Sinha Issues Warning on Pending Land Cases
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा हुए फायर- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar Land:जमीन और राजस्व मामलों को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में आए सभी आवेदन और लंबित शिकायतों का निष्पादन 15 जनवरी तक किया जाना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि इस समीक्षा में कई नई शिकायतें और सुझाव सामने आए हैं, और उन पर तत्काल निवारक पहल की गई है। 15 जनवरी के बाद इन मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी। विजय कुमार सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा, "अच्छा करेंगे, तो सम्मान मिलेगा; गलत करेंगे, तो कार्रवाई होगी। जो अपनी आदत नहीं सुधारेंगे, वे जिला से बाहर भी जाएंगे। पदाधिकारी चाहे ट्रांसफर हो गए हों या रिटायर, जिम्मेदारी से कोई नहीं बच सकता।"

समीक्षा के दौरान भागलपुर जिले के विभिन्न मापदंडों जैसे कि बिना कारण लंबित अभियान बसेरा दो, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस (डिजिटाइज जमाबंदी), ई- मापी, डीसीएलआर कोर्ट और एडीएम कोर्ट के लंबित मामले, सरकारी जमीन का सत्यापन आदि की बारी-बारी से समीक्षा की गई। खासकर इस्माइलपुर, नवगछिया, पीरपैंती, गोराडीह और रंगरा चौक अंचल की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई।

उपमुख्यमंत्री ने अंचलाधिकारियों को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया कि वे 14 जनवरी तक सभी मापदंडों में प्रगति पूरी करें। 14 जनवरी के बाद सर्वाधिक लंबित मामले वाले अंचल और संबंधित पदाधिकारी व कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिया कि पिछले तीन-चार सालों में हुई रजिस्ट्री की लिस्ट का विश्लेषण किया जाए, और बार-बार जमीन खरीद-बिक्री करने वाले भू-माफिया को चिन्हित किया जाए। जटिल मामलों का निष्पादन एसडीओ और एसडीपीओ करेंगे और आदेश सीओ और डीसीएलआर द्वारा पारित किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुनवाई के मामले एक सप्ताह के अंदर निपटाए जाएं, और स्टेट लेवल रैंक में निचले पायदान पर रहने वाले अंचलाधिकारी रैंक सुधारें।

नियमित निगरानी, सख्त अल्टीमेटम और कार्रवाई का यह संदेश स्पष्ट है कि अब बिहार में भूमि सुधार और राजस्व मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।