Bihar News: बिहार में ई-डिटेक्शन सिस्टम का कहर ! हर माह कट रहे 6 करोड़ के चालान, अब तक 80 करोड़ का जुर्माना

Bihar News: बिहार की सड़कों पर अब यातायात नियमों का उल्लंघन करना वाहन मालिकों को बेहद भारी पड़ रहा है। परिवहन विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न नेशनल हाईवे पर लगाए गए अत्याधुनिक ई-डिटेक्शन सिस्टम ने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है।

ई-डिटेक्शन सिस्टम
1 महीने 6 करोड़ का चालान - फोटो : AI Image

Bihar News: बिहार से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर लगाए गए ई-डिटेक्शन सिस्टम के जरिए हर महीने औसतन छह करोड़ रुपये का चालान काटा जा रहा है। टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC) अपडेट नहीं होने पर ऑटोमैटिक ई-चालान जारी किया जा रहा है।

32 टोल प्लाजा पर सिस्टम सक्रिय, 9 और होंगे शामिल

राज्य में फिलहाल 32 टोल प्लाजा ई-डिटेक्शन सिस्टम से लैस हैं। परिवहन विभाग ने जल्द ही 9 और टोल प्लाजा को इस प्रणाली से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। ई-डिटेक्शन के जरिए चालान काटने की प्रक्रिया अगस्त 2024 में शुरू की गई थी। परिवहन विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल राजस्व में बढ़ोतरी हो रही है, बल्कि बिना वैध दस्तावेज के सड़कों पर चलने वाले वाहनों पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो रहा है।

1.49 लाख चालान, 80 करोड़ का जुर्माना

आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2025 तक टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के खिलाफ 1,49,490 ई-चालान जारी किए गए हैं। इन चालानों के तहत करीब 80 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, इनमें से लगभग एक चौथाई राशि ही अब तक जमा हो पाई है। परिवहन विभाग ने बकाया चालान नहीं भरने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को दिए हैं।

ऐसे काम करता है ई-डिटेक्शन सिस्टम

यह प्रणाली राष्ट्रीय स्तर पर National Informatics Centre (NIC) के तकनीकी सहयोग से संचालित है। यह वाहन पंजीकरण और दस्तावेजों के केंद्रीय डाटाबेस से एकीकृत है। जैसे ही कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, कैमरे उसकी नंबर प्लेट या फास्टैग स्कैन करते हैं। सिस्टम केंद्रीय डाटाबेस से मिलान कर जांच करता है कि वाहन का फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं। दस्तावेज अपडेट नहीं मिलने पर संबंधित प्रावधानों के तहत स्वचालित रूप से ई-चालान जारी कर दिया जाता है।