Bihar News : सहकारिता बैंकिंग को पारदर्शी और आधुनिक बनाने पर जोर, पटना में राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में पैक्स कंप्यूटरीकरण व 2026 नीति पर बनी रणनीति
Bihar News : सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
PATNA : सहकारिता विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर आज सचिव, सहकारिता विभाग की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सहकारिता क्षेत्र के अंतर्गत संचालित बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान बैंक की वित्तीय स्थिति, जमा, ऋण एवं लाभप्रदता, TAP (Turn Around Plan), RBI Governance Policy, डिजिटल बैंकिंग एवं तकनीकी नवाचार, वैधानिक अनुपालन, विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा PACS Computerization सहित बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बैंक की वर्तमान वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए जमा एवं ऋण की स्थिति तथा लाभप्रदता से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैंक की वित्तीय सुदृढ़ता को बनाए रखने, कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने तथा सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सदस्यों एवं आम लोगों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, बैंक के वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक रणनीति पर भी चर्चा की गई। बैठक में TAP (Turn Around Plan) की प्रगति एवं उसके प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। बैंक के संचालन को अधिक सक्षम एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। इसके साथ ही RBI Governance Policy के अनुरूप बैंकिंग व्यवस्था में सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नियामकीय मानकों के अनुपालन से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में डिजिटल बैंकिंग एवं तकनीकी नवाचार को सहकारिता क्षेत्र के आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा डिजिटल माध्यमों को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। सहकारिता क्षेत्र में तकनीकी बदलावों को प्रभावी रूप से अपनाने तथा सदस्यों एवं ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई। अतिरिक्त, बैठक मेंun वैधानिक अनुपालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। बैंक एवं सहकारी संस्थाओं के संचालन में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई, ताकि सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से योजनाओं का लाभ निर्धारित लक्षित वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके।
बैठक में PACS Computerization के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्राथमिक कृषि साख समितियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने एवं उनकी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में कंप्यूटरीकरण को महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इसके साथ ही बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। नीति के उद्देश्यों के अनुरूप सहकारिता क्षेत्र को अधिक सशक्त एवं आधुनिक बनाने तथा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से राज्य के विकास में उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पर बल दिया गया। बैठक में धर्मेन्द्र सिंह, भा. प्र. से., सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार सरकार, मनोज कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक, वेजफेड, विकास कुमार बरियार, अपर निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना, अरविंद कुमार पासवान, प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य सहकारी बैंक लि., पटना सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।