लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता पर EOU का शिकंजा, पटना समेत 6 ठिकानों पर छापेमारी

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओयू की टीम ने आय से अधिक संपत्ति मामले में लघु सिचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता के 6 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की है.....

लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता पर EOU का शिकंजा, पटना

Patna: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सासाराम (रोहतास) के लघु सिंचाई प्रमण्डल में तैनात कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। 30 जुलाई 2026 की सुबह EOU की टीमों ने अभियुक्त के कुल 06 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी।


EOU ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई ने गुप्त सूचनाओं के सत्यापन के बाद 29 जुलाई 2026 को कांड संख्या-15/26 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पटना स्थित विशेष न्यायालय निगरानी से तलाशी अधिपत्र प्राप्त कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही है।


1.19 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का साक्ष्य

जांच और सत्यापन के दौरान ईओयू को आरोपी कार्यपालक अभियंता के पास कुल 1,19,98,534 (एक करोड़ उन्नीस लाख अनठानवे हजार पाँच सौ चौंतीस रुपये) की आय से अधिक संपत्ति अर्जन का प्रथम दृष्टया ठोस साक्ष्य मिला है। यह संपत्ति उनके ज्ञात और कानूनी आय के स्रोतों से लगभग 85.05 प्रतिशत अधिक पाई गई है।


पटनामुजफ्फरपुरसासारामडेहरी ऑन सोन और बाँका स्थित ठिकानों पर तड़के शुरू हुई कार्रवाई

सुबह से शुरू हुई इस छापेमारी में पटना के दानापुर स्थित आदमपुर के वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट (फ्लैट नं-405) और आशोपुर के वीनस एम्पायर (फ्लैट नं-1301) की तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर के महामाता स्थान स्थित ससुराल (मकान नं-66) और सासाराम स्थित कार्यपालक अभियंता के कार्यालय में भी टीम की कार्रवाई जारी है।


साथ ही डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास और बाँका जिले के रजौन थानांतर्गत पीपराडीह गांव स्थित उनके पैतृक मकान पर भी अलग-अलग टीमों द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा है। आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि सभी स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद जब्ती और बरामदगी की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।


अनिल की रिपोर्ट