बिहार में 'फेक करेंसी' का अलर्ट: पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते आ रहे हैं जाली नोट

नेपाल सीमा के जरिए बिहार में जाली भारतीय नोटों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान में छपे सौ और दो सौ रुपये के नकली नोट बड़े पैमाने पर नेपाल के रास्ते बिहार के बाजारों में पहुंचाए जा रहे हैं।

बिहार में 'फेक करेंसी' का अलर्ट: पाकिस्तान से नेपाल के रास्त
बिहार में 'फेक करेंसी' का अलर्ट: पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते आ रहे हैं जाली नोट- फोटो : news 4 nation

भारत-नेपाल सीमा के रास्ते बिहार में जाली भारतीय मुद्रा की तस्करी का एक बड़ा और संगठित मामला सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में छापे गए 100 और 200 रुपये के नकली नोट बड़े पैमाने पर बिहार के बाजारों में उतारे जा रहे हैं। छोटे मूल्य के नोट होने के कारण तस्कर इन्हें आसानी से स्थानीय बाजारों और आम लोगों के बीच खपा रहे हैं, जिससे व्यापारियों के लिए असली और नकली में फर्क करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

मोतिहारी और सीतामढ़ी में गिरफ्तारियां: तस्करों के नेटवर्क का भंडाफोड़

इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का खुलासा तब हुआ जब बिहार एसटीएफ ने मोतिहारी के हरैया क्षेत्र से दो नेपाली तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 18,500 रुपये के जाली नोट बरामद हुए। इनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सीतामढ़ी के मेजरगंज और मधुबनी में छापेमारी कर सात अन्य तस्करों को दबोचा। पुलिस ने इनके पास से नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला विशेष कागज भी बरामद किया है, जो इस बात का संकेत है कि अब स्थानीय स्तर पर भी नोट तैयार करने की कोशिशें की जा रही हैं।

'नो मेन्स लैंड' से भारी बरामदगी: सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

तस्करी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को मधुबनी के 'नो मेन्स लैंड' इलाके से सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने 14 लाख रुपये के जाली नोट जब्त किए। इससे पहले हरलाखी क्षेत्र में एसटीएफ और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में 200 रुपये के 173 हाई-क्वालिटी नोट बरामद किए गए थे। बरामद नोटों की छपाई और कागज की गुणवत्ता इतनी सटीक है कि पहली नजर में साधारण आदमी इन्हें पहचान नहीं पाता, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं।

हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां: सीमावर्ती जिलों में कड़ी चौकसी

नकली नोटों की लगातार बरामदगी के बाद बिहार एसटीएफ और पुलिस मुख्यालय ने मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, दरभंगा और मधुबनी सहित सभी सीमावर्ती जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। तिरहुत रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) ने पुलिस बल को खुफिया जानकारी जुटाने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। नेपाल से सटे इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि इस अवैध सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।

अंतरराष्ट्रीय गिरोह की आशंका: जांच में जुटी एजेंसियां

अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है, जो नेपाल को 'ट्रांजिट पॉइंट' के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पैसा किन-किन शहरों में और किन लोगों तक पहुँचाया जाना था। फिलहाल, आम लोगों और व्यापारियों को सलाह दी जा रही है कि वे छोटे मूल्य के नोटों के सुरक्षा फीचर्स की जांच सावधानी से करें ताकि वे इस धोखाधड़ी का शिकार न हों।