Bihar Illegal Mining: बिहार में पांच पत्थर खदानों के पट्टे खत्म, अवैध खनन रोकने के लिए नीतीश सरकार का मास्टर प्लान जान लीजिए
Bihar Illegal Mining: जानकारी के अनुसार, गया जिले में एक और शेखपुरा जिले में सात खदानों को पांच वर्षों के लिए खनन की स्वीकृति दी गई थी। गया जिले की इकलौती खदान का पट्टा 15 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है।
Bihar Illegal Mining: बिहार में पांच पत्थर खदानों की खनन समय-सीमा समाप्त होने और पट्टे निरस्त हो जाने के बाद अवैध खनन की आशंका गहराने लगी है। इसे देखते हुए खान एवं भूतत्व विभाग ने संबंधित जिलों के खनन अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता और कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए हैं।
खनन रोकने के लिए सरकार की पहल
विभागीय सूत्रों के अनुसार, न सिर्फ जिलों को विशेष निगरानी के आदेश दिए गए हैं, बल्कि एहतियात के तौर पर अलग से उड़नदस्ता टीमें भी गठित की गई हैं। ये टीमें बंद हो चुकी खदानों की नियमित जांच करेंगी, ताकि कहीं से भी अवैध खनन न हो सके। पांच खदानों के पट्टे खत्म होने के बाद वर्तमान में बिहार में केवल तीन पत्थर खदानों से ही खनन किया जा रहा है। इन तीनों खदानों का कुल रकबा करीब 37.5 एकड़ बताया गया है।
सिर्फ तीन खदानों में हो रहा है फिलहाल खनन
जानकारी के अनुसार, गया जिले में एक और शेखपुरा जिले में सात खदानों को पांच वर्षों के लिए खनन की स्वीकृति दी गई थी। गया जिले की इकलौती खदान का पट्टा 15 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। शेखपुरा जिले की चार खदानों में से एक का पट्टा 26 नवंबर 2025, जबकि तीन अन्य खदानों के पट्टे दिसंबर 2025 में अलग-अलग तिथियों को खत्म हो चुके हैं।
बची तीन खदानों पर भी नजर
जो तीन खदानें अभी चालू हैं, उनमें से दो खदानों के पट्टे की समय-सीमा 13 जून 2026, जबकि एक खदान का पट्टा 16 अगस्त 2026 को समाप्त होगा। खान एवं भूतत्व विभाग का कहना है कि अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।