Bihar Flood: बाढ़ से फसल हो गई बरबाद, सब्जी की खेती को लगा सबसे बड़ा झटका

Bihar Flood:पानी के बढ़ते दबाव के बीच अब कृषि विभाग ने फसलों को हुए नुकसान का आकलन तेज कर दिया है।...

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बाढ़ से फसल हो गई बरबाद- फोटो : reporter

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पानी के बढ़ते दबाव के बीच अब कटिहार जिले में कृषि विभाग ने फसलों को हुए नुकसान का आकलन तेज कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट में जिले के 7 प्रखंडों की 61 पंचायतों में करीब 6,843 हेक्टेयर रकबे के प्रभावित होने का अनुमान सामने आया है। जैसे-जैसे बाढ़ का पानी उतर रहा है, वैसे-वैसे खेतों में हुई तबाही की तस्वीर भी साफ होती जा रही है।

जिला कृषि विभाग के मुताबिक अब तक प्रखंड कृषि पदाधिकारी और अंचल अधिकारी की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर 2,234 हेक्टेयर में फसल क्षति के आकलन की रिपोर्ट जिला स्तर पर समर्पित की जा चुकी है। विभाग का कहना है कि यह आंकड़ा अंतिम नहीं है। पानी पूरी तरह उतरने और खेतों तक पहुंच संभव होने के बाद क्षति का आकलन लगातार जारी रहेगा।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की चपेट में धान और मक्का की फसलें भी आई हैं, लेकिन कटिहार में सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी की खेती को हुआ है। लंबे समय तक खेतों में पानी जमा रहने से तैयार और खड़ी फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों के सामने दोहरी मुश्किल पैदा हो गई है—एक तरफ तैयार फसल का नुकसान, दूसरी तरफ अगली खेती के लिए दोबारा पूंजी जुटाने की चुनौती।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेतों में फसल अवशेष, कीचड़ और जलजमाव की वजह से तत्काल सामान्य खेती शुरू करना भी किसानों के लिए आसान नहीं होगा। ऐसे में कृषि विभाग किसानों को जल्द से जल्द दोबारा खेती की ओर लौटाने की तैयारी में जुट गया है।कृषि विभाग अब आकस्मिक फसल की खेती के विकल्प पर काम कर रहा है। मकसद यह है कि बाढ़ के कारण जिन किसानों की सल बर्बाद हुई है, उन्हें उपयुक्त समय और परिस्थितियों के अनुसार दोबारा खेती से जोड़ने की कोशिश की जाए।

विभाग के अधिकारी पानी उतरने के साथ खेतों का जायजा ले रहे हैं और नुकसान का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक आकलन पूरा होने के बाद वास्तविक फसल क्षति की तस्वीर और स्पष्ट होगी।फिलहाल कटिहार में बाढ़ ने किसानों की मेहनत पर गहरी चोट की है। खेतों में खड़ी फसलों के नुकसान के बाद अब कृषि विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित किसानों को दोबारा खेती के रास्ते पर लाना और उनकी आजीविका को पटरी पर लाने में मदद करना है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह