Patna High Court: ट्रैफिक चालान से वेतन विवाद तक… पटना हाईकोर्ट की राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़े मामलों की सुनवाई आज, 15 बेंचों में 1000 से ज्यादा मामलों का होगा निपटारा
Patna High Court: पटना हाईकोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आज 9 मई, 2026 को किया गया है। ...
Patna High Court: पटना हाईकोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आज 9 मई, 2026 को किया गया है। पटना हाईकोर्ट पहली बार लोक अदालत में विभिन्न विषयों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के लिए विभिन्न जजों की अध्यक्षता में 15 बेंच गठित किए गए है। इनमें एक हज़ार से भी अधिक मामलों की सुनवाई विभिन्न बेंचो द्वारा की जाएगी।
इन मामलों में सेवानिवृत्त, बिजली, अवमानना वाद,क्रिमिनल ,मोटर वाहन एक्ट, गैर राजपत्रित कर्मचारियों के वेतन संबंधित मामलों पर सुनवाई कर लोक अदालतों में सुलझाया जाएगा।
लोक अदालत का उद्देश्य है कि आपसी सहमति से विवादों का निपटारा हो। साथ ही सामान्य अदालतों पर जो ज्यादा बोझ है, उन्हें घटाया जा सके।
इन बेंचो की अध्यक्षता जस्टिस पार्थ सारथी, जस्टिस हरीश कुमार, जस्टिस शैलेन्द्र सिंह, जस्टिस अरुण कुमार झा,जस्टिस आलोक कुमार पांडेय, जस्टिस सुनील दत्त मिश्रा, जस्टिस चन्द्रशेखर झा,जस्टिस खातिम रजा , जस्टिस अंशुमान, जस्टिस अशोक कुमार पांडेय ,जस्टिस सौरेनदर पांडेय, जस्टिस अजित कुमार, जस्टिस रितेश कुमार, जस्टिस प्रवीण कुमार व जस्टिस अंशुल राज करेंगे।इनके साथ एक एक अधिवक्ता भी बेंच में रहेंगे।
लोक अदालतों का उद्देश्य ही है कि कानूनी विवादों का निपटारा लोक अदालतों में किया जाए। इससे जहाँ सामान्य अदालतों का बोझ कम हो। साथ ही विवादों का निपटारा आपसी सहमति से हो जाए ।
जैसे राज्य के विभिन्न जिला अदालतों व अन्य अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत के अंतर्गत ट्रैफिक चालान विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में इससे संबंधित ढाई लाख से भी अधिक मामलें सुनवाई के लिए लंबित हैं।
पटना हाईकोर्ट ने इसको गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को ओड़िशा की तरह एकमुश्त यातायात विवाद निपटान योजना लाने को कहा। राज्य सरकार ने इस योजना को लागू कर दिया है। इससे ट्राफिक चालान विवाद को तीव्रता से सहूलियत के साथ सुलझाया जा सकेगा।