NEET 2026 तैयारी के टिप्स: गोल एजुकेशन विलेज में 'How to Crack NEET' सेमिनार संपन्न

नीट परीक्षा में बचे हैं मात्र 25 दिन! पटना के गोल एजुकेशन विलेज में बिपिन सिंह और AIIMS के सफल छात्रों ने दी अंतिम चरण की तैयारी की सटीक रणनीति।

NEET 2026 तैयारी के टिप्स: गोल एजुकेशन विलेज में 'How to Cra

Patna - मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में अब 25 दिनों से भी कम समय शेष है। ऐसे में परीक्षार्थियों की तैयारी को अंतिम धार देने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए गोल एजुकेशन विलेज परिसर में “HOW TO CRACK NEET” विषय पर एक भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में विशेषज्ञों ने छात्रों को आखिरी वक्त में तनाव मुक्त रहकर सटीक रणनीति के साथ पढ़ाई करने के टिप्स दिए।

स्मार्ट वर्क और NCERT पर पकड़ है जरूरी: बिपिन सिंह

गोल इंस्टीट्यूट के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री बिपिन सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “अब हार्ड वर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क का समय है। अंतिम दिनों में एकाग्रता ही आपको परिणाम दिलाएगी।” उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि वे अब केवल रिवीजन पर ध्यान दें और NCERT की पुस्तकों को अपना आधार बनाएं। नियमित मॉक टेस्ट और समय प्रबंधन (Time Management) को उन्होंने सफलता का सबसे बड़ा आधार बताया।

AIIMS पटना के सफल छात्रों ने साझा किए अनुभव

सेमिनार का मुख्य आकर्षण गोल इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्र रहे, जो वर्तमान में AIIMS पटना में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। नफीसा, बुशरा, आर्यन और राहुल ने अपने जूनियर साथियों को बताया कि उन्होंने अंतिम 20 दिनों में किस तरह अपनी रणनीति बदली थी। उन्होंने परीक्षा के दिन (Exam Day) शांत रहने और प्रश्नों को हल करने की गति (Speed) बढ़ाने पर विशेष मार्गदर्शन दिया, जिससे छात्रों में भारी उत्साह देखा गया।

वैज्ञानिक पद्धति और त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis) पर जोर

सहायक निदेशक श्री रंजय सिंह और आर.एंड.डी. हेड श्री आनंद वत्स ने भी छात्रों को तकनीकी रूप से मजबूत रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर मॉक टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण (Error Analysis) करना जरूरी है ताकि मुख्य परीक्षा में उन गलतियों को दोहराया न जाए। विशेषज्ञों ने साफ तौर पर कहा कि इस समय नए टॉपिक शुरू करने से बचना चाहिए और केवल कमजोर टॉपिक्स को रिवीजन के जरिए मजबूत बनाना चाहिए।

मेधावी छात्र हुए पुरस्कृत, बढ़ा मनोबल

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित दिनचर्या बनाए रखने पर भी बल दिया। यह सेमिनार न केवल एक मार्गदर्शक साबित हुआ, बल्कि छात्रों को सकारात्मक ऊर्जा और 'नीट क्रैक' करने के अटूट विश्वास से भी भर गया।