Bihar News : GOAL का पटना में प्री-फाउंडेशन विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम, मजबूत बुनियाद और सही करियर चयन पर दिया गया जोर
Bihar News : संस्थान GOAL द्वारा पटना के विद्यापति भवन में कक्षा 9वीं और 10वीं के प्री-फाउंडेशन विद्यार्थियों के लिए एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया.....पढ़िए आगे
PATNA : कक्षा 9वीं और 10वीं विद्यार्थियों के जीवन का वह महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ पढ़ाई की सही आदतें और विषयों की मजबूत समझ आगे की सफलता का आधार बनती हैं। इसी उद्देश्य से GOAL ने पटना के विद्यापति भवन में अपने प्री-फाउंडेशन विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा के साथ भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर के चयन और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। GOAL के सीएमडी बिपिन सिंह, सहायक निदेशक रंजय सिंह, आरएंडडी प्रमुख आनंद वत्स और अकादमिक प्रमुख गौरव सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। GOAL से चयनित होकर वर्तमान में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में अध्ययनरत नवचयनित मेडिकल विद्यार्थियों ने भी तैयारी के अनुभव साझा किए।
“बच्चों के सपनों को पहचानें, उनकी बुनियाद मजबूत करें”
GOAL के सीएमडी बिपिन सिंह ने कहा, “हर बच्चे के भीतर आगे बढ़ने की क्षमता होती है। आवश्यकता है उसकी रुचि को समझने, उसे सही दिशा देने और उसके प्रयासों पर विश्वास रखने की। कक्षा 9वीं–10वीं में केवल अच्छे अंक प्राप्त करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए; विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सीखने की आदत विकसित करना भी उतना ही जरूरी है।” उन्होंने अभिभावकों को संदेश दिया कि बच्चों की तुलना दूसरे विद्यार्थियों से करने के बजाय उनकी अपनी प्रगति पर ध्यान दें। “आपका विश्वास बच्चे की ताकत बन सकता है। उसके परिणाम के साथ उसकी मेहनत को भी पहचानिए और ऐसा वातावरण दीजिए, जहाँ वह अपनी कठिनाइयाँ बिना डर के बता सके।”
“बड़े सपनों को रोज के छोटे लक्ष्यों से जोड़ें”
सहायक निदेशक रंजय सिंह ने विद्यार्थियों से कहा, “सफलता की तैयारी किसी एक परीक्षा के दिन नहीं होती; वह रोज की दिनचर्या में होती है। आज पढ़ा गया विषय आज ही दोहराना, अधूरे काम को समय पर पूरा करना और संदेह पूछने का साहस रखना—यही आदतें भविष्य में बड़ा अंतर पैदा करती हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक अध्ययन योजना बनाने, कठिन विषयों के लिए नियमित समय निर्धारित करने और एक छोटी अध्ययन डायरी रखने की सलाह दी। इस डायरी में पढ़े गए विषय, हल किए गए प्रश्न और लंबित संदेह दर्ज किए जा सकते हैं। उन्होंने मोबाइल के अनावश्यक उपयोग को सीमित रखने तथा पर्याप्त नींद, खेल और शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करने पर भी जोर दिया।
“उत्तर याद करने से अधिक जरूरी है उसका कारण समझना”
आरएंडडी प्रमुख श्री आनंद वत्स ने कहा, “विज्ञान और गणित में मजबूत तैयारी का अर्थ केवल सूत्र याद करना नहीं है। विद्यार्थी यह समझें कि कोई सूत्र क्यों लागू होता है और उसका उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है। ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पूछने की आदत ही वास्तविक समझ विकसित करती है।” उन्होंने एनसीईआरटी एवं निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के गहन अध्ययन, स्वयं प्रश्न हल करने और गलतियों का विश्लेषण करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टेस्ट के बाद केवल अंक देखने के बजाय यह पहचानना चाहिए कि गलती अवधारणा की थी, गणना की थी या प्रश्न को ठीक से न पढ़ने की।
“स्कूल की पढ़ाई और भविष्य की तैयारी में रखें संतुलन”
अकादमिक प्रमुख श्री गौरव सिंह ने कहा, “प्री-फाउंडेशन का उद्देश्य शुरुआती कक्षाओं में अनावश्यक बोझ बढ़ाना नहीं, बल्कि आगे की पढ़ाई के लिए आवश्यक समझ और कौशल विकसित करना है। कक्षा 9वीं–10वीं के पाठ्यक्रम पर अच्छी पकड़ भविष्य की तैयारी को अधिक सहज बनाती है।” उन्होंने नियमित कक्षा उपस्थिति, लिखित अभ्यास, अध्यायवार पुनरावृत्ति और समयबद्ध टेस्ट को जरूरी बताया। करियर चयन के संबंध में उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि, योग्यता और विषयों की समझ के आधार पर निर्णय लें तथा आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
मेडिकल विद्यार्थियों का संदेश: कठिनाई आने पर मदद माँगें, प्रयास जारी रखें
पीएमसीएच में अध्ययनरत GOAL के नवचयनित मेडिकल विद्यार्थि Ashish and Anshu ने कहा, “तैयारी के दौरान हर दिन एक जैसा नहीं होता। कभी विषय कठिन लगता है, कभी अपेक्षा के अनुसार अंक नहीं आते। ऐसे समय में शिक्षक से सहायता लेना, अपनी गलती समझना और अगला प्रयास बेहतर करना बहुत जरूरी है।”कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए प्रमुख संदेश रहा कि सफल भविष्य की शुरुआत स्पष्ट लक्ष्य, मजबूत बुनियाद और नियमित प्रयास से होती है। शिक्षक का मार्गदर्शन, अभिभावक का विश्वास और विद्यार्थी की ईमानदार मेहनत मिलकर सपनों को दिशा दे सकते हैं।