GST Collection: GST वसूली में बिहार ने बनाया रिकॉर्ड,इस चीज से आए राजस्व ने तो खजाना भर दिया...30 प्रतिशत से भी अधिक हुई कमाई
GST Collection: बिहार ने GST वसूली में नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले साल से 30 प्रतिशत अधिक कमाई मार्च 2025 में हुई है। आइए जानते है पूरी खबर क्या है....

GST Collection: बिहार ने GST वसूली में रिकॉर्ड बनाया है। मार्च 2024 के मुकाबले इस साल मार्च में 30 प्रतिशत अधिक कमाई हुई है। कुल राजस्व लक्ष्य का 97.85% हुआ प्राप्त है। दरअसल, बिहार में मार्च 2025 में माल एवं सेवा कर (GST) संग्रह में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। मार्च 2024 की तुलना में इस वर्ष मार्च में 30% अधिक GST राजस्व प्राप्त हुआ है। जहां मार्च 2024 में 1,991 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था। वहीं मार्च 2025 में यह बढ़कर 2,599 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, पूरे वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल जीएसटी संग्रह में 12% की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 के दौरान जहां 27,622 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था। वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 29,359.76 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
GST रिटर्न दाखिल करने में भी तेजी
वित्तीय वर्ष के दौरान 2.89 लाख जीएसटी रिटर्न GSTN के सेंट्रल सर्वर पर और 3.63 लाख रिटर्न राज्य के सर्वर पर दाखिल किए गए। आमतौर पर वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में जीएसटी संग्रह में तेजी देखी जाती है। वर्तमान में राज्य में लगभग 6.5 लाख कारोबारी ही जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। हालांकि, जिनका सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से कम है। उन्हें जीएसटी में पंजीकरण से छूट दी गई है।
राजस्व संग्रह में 8.84% की वृद्धि
वाणिज्य कर विभाग की अस्थायी तुलनात्मक राजस्व संग्रह रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग के कुल राजस्व में 8.84% की वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने इस वर्ष के लिए 42,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसके मुकाबले अब तक 41,586.75 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है, यानी लक्ष्य का 97.85% प्राप्त कर लिया गया है।
SGST और IGST से हुआ बड़ा संग्रह
जीएसटी मद में- SGST से 9,911.68 करोड़ रुपये, IGST सेटलमेंट से 19,370.02 करोड़ रुपये, सबस्यूम्ड टैक्स बकाया से 55.69 करोड़ रुपये और मुआवजे के रूप में 22.37 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
गैर-GST श्रेणी में भी उल्लेखनीय वृद्धि
राज्य सरकार को गैर-जीएसटी श्रेणी से भी उल्लेखनीय राजस्व प्राप्त हुआ। पेट्रोल से 10,516.05 करोड़ रुपये, आबकारी शुल्क से 1,513.98 करोड़ रुपये, प्रोफेशनल टैक्स से 195.85 करोड़ रुपये। इस श्रेणी में कुल संग्रह 12,226.99 करोड़ रुपये रहा।
देश में पांचवें स्थान पर बिहार
बिहार वर्तमान में GST संग्रह वृद्धि दर के मामले में देश में पांचवें स्थान पर है। 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के समय राज्य का वार्षिक संग्रह मात्र 17,236 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 41,586.75 करोड़ रुपये हो गया है। यह निरंतर वृद्धि बिहार सरकार की प्रभावी कर नीति, आर्थिक प्रबंधन और कर प्रशासन की दक्षता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा प्रयासों को देखते हुए आने वाले वर्षों में राजस्व वृद्धि की और भी अधिक संभावना है।