स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने की बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा, बोट एम्बुलेंस और दवाओं के बफर स्टॉक का निर्देश
नेपाल में फ्लैश फ्लड और जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर कई जरुरी निर्देश दिए है.....
Patna : नेपाल के गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड और जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। स्वास्थ्य विभाग के सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुख्ता चिकित्सा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत अन्य संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग और सुरक्षित स्थानांतरण पर जोर
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने आपदा के समय गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। आशा (ASHA) और एएनएम (ANM) के माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग पूरी कर ली गई है। जिन महिलाओं की प्रसव तिथि (EDD) बाढ़ के महीनों के दौरान संभावित है, उन्हें बाढ़ का पानी आने से पूर्व ही निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) अथवा सुरक्षित प्रसव गृहों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है।
जलमग्न इलाकों के लिए बोट एम्बुलेंस और 102 सेवा अलर्ट
बाढ़ के दौरान जलमग्न या टापू बने क्षेत्रों के निवासियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए बोट एम्बुलेंस अथवा नौका औषधालय की व्यवस्था की गई है। इन नौकाओं पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं और फर्स्ट-एड किट तैनात रहेंगी। इसके अलावा राज्य भर के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 102 एम्बुलेंस सेवा को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में गंभीर मरीजों को तत्काल बड़े अस्पतालों में भेजा जा सके।
60 आवश्यक दवाओं और एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त बफर स्टॉक
बाढ़ संभावित जिलों में बीएमएसआईसीएल (BMSICL) के माध्यम से 60 मुख्य आवश्यक दवाओं एवं टीकों का बफर स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है। साथ ही डायरिया और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए ओआरएस (ORS), जिंक टैबलेट, पानी शुद्ध करने वाली हैलाजोन गोलियां और कीटाणुशोधन के लिए ब्लीचिंग पाउडर एवं चूने की व्यवस्था की गई है।
राहत शिविरों में चिकित्सा कैंप और एनडीआरएफ संग त्रिस्तरीय समन्वय
बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों के लिए स्थापित राहत शिविरों और सामुदायिक रसोईघरों के पास अनिवार्य रूप से अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। पानी उतरने के बाद संक्रामक रोगों को रोकने के लिए छिड़काव और स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी। आपदा के समय त्वरित राहत के लिए एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और आवश्यकता पड़ने पर थल सेना के साथ त्रिस्तरीय समन्वय स्थापित कर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं देने का खाका तैयार किया गया है।
प्रिय दर्शन की रिपोर्ट